रुद्रप्रयाग- केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू, भैरवनाथ मंदिर में हुई 2025 की आखिरी पूजा

Spread the love

 

केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है। इसके तहत शनिवार को केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल भकुंट भैरवनाथ मंदिर में आखिरी पूजा-अर्चना हुई। इसी के साथ केदारनाथ स्वयंभू लिंग से शृंगार भी हटा दिया गया अब आरती भी सूक्ष्म रूप से होगी।

केदारनाथ मंदिर के कपाट 23 अक्तूबर को विधि-विधान से बंद कर दिए जाएंगे। शनिवार को केदारनाथ के क्षेत्रपाल भकुंट भैरवनाथ मंदिर में आखिरी पूजा हुई। दोपहर बारह बजे से तीन घंटे तक विशेष पूजाएं हुईं। आचार्य संजय तिवारी, आचार्य तेजप्रकाश त्रिवेदी, बागेश्वर लिंग ने पूजा की।

केदार सभा के महामंत्री अंकित सेमवाल ने बताया कि 22 अक्तूबर को केदारनाथ की पंचमुखी डोली भंडार गृह से सभामंडप में विराजमान होगी और 23 को तड़के 3 से पांच बजे तक केदारनाथ की समाधि पूजा होेगी। इसके बाद सुबह 6 बजे केदारनाथ गर्भगृह के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। सुबह साढ़े आठ बजे केदारनाथ की पंचमुखी डोली वेदपाठी, आचार्यगण और हक-हकूकधारियों के साथ रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी।

24 को डोली गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में और 25 को विधि-विधान से शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएगी। इस मौके पर केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, महामंत्री राजेंद्र तिवारी, अंकित सेमवाल, विनोद शुक्ला, अनिल शुक्ला और पंकज शुक्ला आदि मौजूद रहे।


Spread the love
और पढ़े  उत्तराखंड- शराब की बोतल पर सेस लगाकर कचरा प्रबंधन की तैयारी, रोजाना 2100 टन से अधिक ठोस अपशिष्ट है निकलता
  • Related Posts

     देहरादून: सोमनाथ में PM के रोड शो में छाया दून का डमरू मंडल, प्रस्तुति से सभी का ध्यान खींचा

    Spread the love

    Spread the loveसोमनाथ अमृत महोत्सव में सोमवार को दून का भैरवनाथ डमरू मंडल छाया रहा। दून के डमरू मंडल ने न सिर्फ प्रस्तुति से सभी को अपनी ओर आकर्षित किया…


    Spread the love

    ऋषिकेश- तीर्थनगरी में 2100 से ज्यादा की बधाई नहीं ले सकेंगे किन्नर, मुंह मांगा पैसा मांगने पर था विवाद

    Spread the love

    Spread the loveनगर निगम में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। तीर्थनगरी में अब शादी ब्याह, बालक के जन्म और अन्य त्योहारों पर किन्नर 2100…


    Spread the love