प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी के आरोपों पर कहा कि भक्तों ने राम मंदिर के लिए 500 साल तक इंतजार किया है और वे सच्चाई सामने आने के लिए 15 दिन और इंतजार कर सकते हैं। एसआईटी जल्द से जल्द इस मामले में सच सामने ले आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।
सीएम योगी ने कहा, मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। सभी संबंधित लोगों से अपील है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कोई बयान न दें, क्योंकि ऐसी टिप्पणियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं। जांच के बाद, अगर किसी पक्ष को कुछ कहना है, तो एसआईटी की प्रक्रिया इसके लिए सही आधार देगी। बिना वजह किसी के चरित्र हनन की कोशिश न करें और बिना कारण अयोध्या धाम को बदनाम करने की कोशिश न करें।
सीएम योगी अयोध्या के रुदौली स्थित मां कामाख्या धाम में 378 करोड़ रुपये की 126 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। योगी ने कहा, मैं भरोसा दिलाता हूं कि एसआईटी की जांच सच सामने लाएगी। अगर किसी के पास कोई दस्तावेजी सबूत है, तो कृपया उसे एसआईटी को सौंप दें। उन लोगों की बातों में न आएं जो अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं और श्रीराम मंदिर का अपमान करना चाहते हैं। ये लोग कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को पहचान व सम्मान मिले।
रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले उपदेश न दें
सीएम ने कहा, जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम का नाम लेने वाले लोगों पर लाठियां चलाईं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और कोर्ट में वकील तैनात करके प्रक्रिया में हरसंभव बाधा डाली, उन लोगों को दूसरों को उपदेश देना बंद करना चाहिए।
चढ़ावे पर डाका डाला गया : नृपेंद्र
श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि लोगों के साथ विश्वासघात किया गया है। एक चैनल से बातचीत में मिश्र ने कहा, चढ़ावे पर खुला डाका डाला गया। चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया से जुड़े जो साक्ष्य सामने आ रहे हैं, वे इस बात का संकेत देते हैं कि पूरी व्यवस्था में निगरानी लगभग शून्य थी।
- मिश्र ने बताया, बैंक और ट्रस्ट में हुए समझौते में स्पष्ट रूप से तय था कि दान की गिनती और उसका हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी बैंक की होगी लेकिन उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
दूध का दूध नहीं, सोने का सोना करें : अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए योगी के अयोध्या दौरे पर कटाक्ष किया। कहा, उनके भाषण में बयान कम, धमकी अधिक थी। भौतिक रूप से भ्रमण कर उस एसआईटी के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों के कारण शंकाओं के घेरे में है। जनता कह रही है कि दूध का दूध, पानी का पानी नहीं, बल्कि सोने का सोना, चांदी का चांदी करें। चढ़ाए गए पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।







