यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। विपक्षी दलों द्वारा शिक्षक भर्ती, चंदा चोरी समेत विभिन्न मुद्दों पर हंगामा किया गया। साथ ही शोक प्रस्ताव पेश किया गया।
90 वर्ष की आयु में आलम बदी का निधन
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आलम बदी का निधन 90 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वह निजामाबाद से पांच बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित रहे। कौमी एकता मंच के संस्थापक थे। असहाय लोगों को सहायता देना उनकी प्राथमिकता थी।
नेता प्रतिपक्ष ने आलम बदी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आलम बदी के निधन पर सीएम योगी की बात से हम सहमत हैं। उन्होंने आलम बदी के निधन से पहले उनके मेदांता में भर्ती रहने के दौरान का किस्सा सुनाया। कहा कि वह अपने स्वभाव में हटी थे। उनकी आयु 90 वर्ष से अधिक थी। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी वह चुनाव लड़ने के बारे में कह रहे थे कि हम अभी चुनाव लड़ेंगे।
सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव
सीएम योगी ने आजमगढ़ के निजामाबाद से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आलम बदी के जीवन पर प्रकाश डाला।
दान पेटी’ लेकर विधानसभा पहुंचे सपा विधायक
मॉनसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के नेता ‘दान पेटी’ लेकर यूपी विधानसभा पहुंचे। सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि भाजपा ने आस्था के नाम पर भगवान राम का इस्तेमाल किया है। जब उनका यह शोषण सबके सामने आता है, तो वे नई और पुरानी SIT बनाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं। NEET पेपर लीक के मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया था कि पेपर लीक होना मुमकिन नहीं है, फिर भी NEET का पेपर लीक हो गया। उन लोगों का अहंकार देखिए, कहते हैं कि उनकी सरकार में इस्तीफे नहीं होते। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर उन्होंने अपने ‘प्रधान’ (नेता) को बचा लिया है।






