तूफान का 24 घंटे पहले खुलेगा राज: वैज्ञानिकों ने खोजे चार संकेत, तटीय इलाकों में बचेंगी हजारों जानें

अब वैज्ञानिक तूफानों के अचानक महा-विनाशकारी बनने की सटीक भविष्यवाणी 24 घंटे पहले कर सकेंगे, जिससे तटीय इलाकों में हजारों लोगों की जान बचाई जा सकेगी। हरीकेन हंटर्स के डेटा विश्लेषण से पता चला है कि किसी चक्रवात के मजबूत होने से करीब 24 घंटे पहले उसके वर्टिकल एलाइनमेंट में चार मुख्य शुरुआती संकेत दिखाई देते हैं।

ये संकेत एक मजबूत निचला परिसंचरण, विंड शियर के सापेक्ष अनुकूल झुकाव, तेज ऊर्ध्वगामी हवाएं, और अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियां हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी और एनओएए (नेशनल ओशनिक ऐंड एडमॉस्फरिक एडमिनस्ट्रेशन) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई यह रिसर्च ‘जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च: एटमॉस्फियर’ में प्रकाशित हुई है। इसमें हरीकेन हंटर्स ने 28 वर्षों (1997-2024) में जुटाए गए 1,500 से अधिक रडार डेटा का विश्लेषण कर यह नतीजा निकाला है।
तीन वजहों से खास है नई खोज  

  • पहले तूफान कहां जाएगा और कब टकराएगा यह पता होता था अब तूफान अचानक कितना भयानक रूप ले लेगा यह पता चलेगा।
  • वैज्ञानिक यह तो जानते थे कि तूफान आ रहा है, लेकिन वे यह सटीक नहीं बता पाते थे कि अगले कुछ घंटों में वह साधारण से अचानक सुपर-चक्रवात बनेगा या नहीं।
      • पहले ज्यादातर सैटेलाइट तस्वीरों और बाहरी हवाओं के रुख पर निर्भरता थी अब तूफान के अंदर जाकर हवाई जहाजों द्वारा लिए गए 3डी रडार डेटा का विश्लेषण।

    अब हरिकेन हंटर्स के बारे में जानिए
    अमेरिकी वायुसेना और एनओएए के विशेष पायलट और वैज्ञानिकों की एक जांबाज टीम है, जो खतरनाक चक्रवातों और तूफानों के बिल्कुल अंदर हवाई जहाज उड़ाकर लाइव डेटा जुटाते हैं।

    संकेत…जो देंगे तूफान के बेहद शकि्तशाली होने का इशारा 
    वैज्ञानिकों ने 4 प्रमुख शुरुआती संकेतों की पहचान की है जो किसी झुके हुए तूफान के सीधे होने और उसके 24 घंटे पहले ही बेहद शकि्तशाली होने का इशारा कर देते हैं। इसमें पहला तूफान का निचला हिस्सा जो समुद्र की सतह के करीब होता है, वह बहुत बिखरा हुआ नहीं बल्कि काफी छोटा और तेजी से घूमने वाला होना चाहिए। दूसरा जब तूफान तेजी से सीधे खड़े होकर मजबूत होते हैं, उनका झुकाव हवा के बाईं ओर होता है। तीसरा तूफान के निचले केंद्र के आसपास बहुत तेजी से उठने वाली हवाएं और भारी बारिश वाले बादल फैलते हैं। वहीं, चौथा संकेत यह है कि तूफान के आसपास का माहौल उसे ऊर्जा देने वाला होता है। तूफान को ऊर्जा गर्म समुद्री पानी, पर्याप्त नमी और कमजोर मध्य-स्तरीय हवाओं से मिलता है।

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