उत्तरकाशी रेस्क्यू: ओडन कॉल और कालिंदी खाल पास से 40 पर्वतारोही सुरक्षित निकाले, 97 अभी भी फंसे

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शनिवार को हुई बर्फबारी से गंगोत्री ग्लेशियर की विभिन्न चोटियों व पास के आरोहण और ट्रैकिंग के लिए गए 136 पर्वतारोही फंस गए थे। सोमवार को शासन-प्रशासन की ओर से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चालीस पर्वतारोहियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, वन विभाग शामिल है। शाम को मौसम खराब होने के कारण बचाव अभियान को रोक दिया गया।

अभी 97 पर्वतारोही फंसे हुए हैं। सोमवार को सुबह मौसम साफ होने के बाद चार हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बचाव कार्य शुरू किया गया। इसमें सबसे पहले ओडन कॉल पास से आईटीबीपी की दो टुकड़ियों सहित वन विभाग की टीम ने पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया।
वहां से दोपहर तक सभी 29 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया गया। उसके बाद एसडीआरएफ सहित एनआईएम की टीम ने कालींदी खाल पास से 11 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू कर हर्षिल हेलिपैड पहुंचाया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण दोपहर बाद अभियान को रोकना पड़ा है। कांलिदी खाल पास पर दो एसडीआरएफ के जवान पर्वतारोहियोें के साथ मौजूद हैं। मंगलवार सुबह अन्य लोगों को भी रेस्क्यू किया जाएगा। साथ ही अन्य चोटियों के आरोहण के दल के लोगों से भी संपर्क किया गया। वह सभी सुरक्षित है। सभी लोगों को योजना अनुसार रेस्क्यू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरकाशी में राहत-बचाव अभियान का लिया जायजा, ट्रैकर्स-पोर्टर की सकुशल वापसी के निर्देश 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र में गए ट्रैकर्स और पोर्टर की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी पर्यटकों को चिकित्सीय सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाला हर तीर्थयात्री और पर्यटक राज्य का अतिथि है और उसकी सहायता करना सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता देने के निर्देश भी दिए। साथ ही बंद सड़कों को खोलने और बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर कराने को कहा।

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की बैठक
रविवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जाए। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 पर्वतारोही फंसे हैं। इनमें से कुछ पर्वतारोही सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।

सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित जिलों में रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया। उधर, डीएम उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं, सैटेलाइट के माध्यम से लगातार संपर्क जारी है। जबकि, उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि कालिंदी ट्रैक पास सहित उडन कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी टू, जोगिन वन, शिवलिंगा वन और टू सतोपंथ, श्रीकंठ चोटियों के आरोहण के लिए निकले करीब 136 पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। ये अलग-अलग दलों में सितंबर में ही रवाना हुए थे।

मुख्य सचिव ने रेस्क्यू के बाद सभी पर्वतारोहियों की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स ऋषिकेश तथा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ पर्वतारोहियों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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