मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर रामनगरी में आस्था, श्रद्धा और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही सरयू तट पर पुण्य स्नान और दान का सिलसिला शुरू हो गया। जय श्रीराम के उद्घोष के बीच श्रद्धालु शीतल सरयू में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। घाटों से लेकर मठ-मंदिरों तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, मानो पूरी अयोध्या धर्ममय हो उठी हो।
आस्था के तापमान के आगे सिहरन भरी हवाएं और शीतलहरी नतमस्तक नजर आई। सुबह चार बजे से ही सरयू तट पर जयघोष गूंजने लगे। सरयू घाट से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों तक भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने विधिवत स्नान कर दान-पुण्य किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। साधु-संतों ने मौन व्रत रखकर ध्यान-साधना की, वहीं कई श्रद्धालु मौन रहकर पुण्य अर्जित करते नजर आए।








