Case: ट्विशा मौत केस में बड़ा मोड़! रिटायर्ड जज सास को अग्रिम जमानत, बहू पर लगाए सनसनीखेज आरोप

Spread the love

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में एक नया मोड़ आया है। दहेज हत्या के आरोपों का सामना कर रही ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। जमानत अर्जी में गिरिबाला सिंह ने अपनी बहू ट्विशा को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनका कहना है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी और उसका मनोचिकित्सक के पास इलाज चल रहा था, जिसका पूरा खर्च ससुराल वाले ही उठाते थे।

bhopal twisha sharma death case judge mother in law drug addiction claim dowry murder news

सस्पेंस से भरी मौत और दहेज हत्या का मामला

राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 की न्यायाधीश) और उनके वकील बेटे यानी ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, गिरिबाला सिंह को शुक्रवार को भोपाल डीजे कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

 

12 घंटे तक लापता रहने का दावा

गिरिबाला सिंह ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में बताया है कि ट्विशा और समर्थ की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद, यानी 12 मई की रात को ट्विशा ने बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित अपने निवास की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अर्जी के मुताबिक, शादी के बाद 9 दिसंबर से 12 मई के बीच ट्विशा पांच बार अपने मायके (नोएडा) गई थी। एक बार तो वह भोपाल से सुबह की फ्लाइट लेकर नोएडा गई और देर रात घर वापस लौटी। वह करीब 12 घंटे तक लापता रही, लेकिन पूछने पर भी उसने यह नहीं बताया कि वह कहां थी।

और पढ़े  MP- भोजशाला में गूंजे पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा के स्वर, HC के फैसले के बाद पहली बार हुई आराधना

‘दहेज के आरोप झूठे, हम देते थे खर्च के पैसे’

सास गिरिबाला सिंह ने अदालत को बताया कि दहेज मांगने या पैसे के लिए दबाव बनाने के सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा को खर्च के लिए नियमित रूप से 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम दी जाती थी। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने कोर्ट में ऑनलाइन बैंक ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी पेश किए हैं।

पिता को पता था कि बेटी ड्रग्स लेती है

जमानत आवेदन में यह भी लिखा गया है कि ट्विशा के हाथों में कंपन होता था। कुछ समय तक ड्रग्स न मिलने के कारण वह गंभीर चिड़चिड़ेपन और अचानक स्वभाव बदलने (विथड्रॉल सिम्पटम्स) जैसी दिक्कतों से जूझ रही थी। आवेदिका (गिरिबाला) का कहना है कि उन्होंने इस बारे में ट्विशा के पिता से भी बात की थी और उन्हें अच्छी तरह पता था कि उनकी बेटी ड्रग्स लेती है।


Spread the love
  • Related Posts

    इंदौर में हाॅस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर की डाॅक्टर ने आत्महत्या

    Spread the love

    Spread the love इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी के अंतिम वर्ष के छात्र डॉ. अमन पटेल की आत्महत्या से मेडिकल कॉलेज परिसर में सनसनी फैल गई। 30 वर्षीय…


    Spread the love

    MP- भोजशाला में गूंजे पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा के स्वर, HC के फैसले के बाद पहली बार हुई आराधना

    Spread the love

    Spread the loveमध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के बाद शनिवार को यहां पूजा-अर्चना शुरू हो गई। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा भोजशाला-कमाल…


    Spread the love