पीपल का पेड़ काटने की मिली सजा: SHO को 6 महीने तक नहीं मिलेगा थाने का चार्ज, सिपाहियों की भी बढ़ी मुश्किलें

Spread the love

 

 

गरा के थाना न्यू आगरा परिसर में पेड़ काटने के मामले में पुलिसकर्मियों की गर्दन फंस गई है। डीसीपी अभिषेक अग्रवाल ने जांच पूरी होने के बाद अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें उन्होंने तत्कालीन एसओ सहित 5 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है।

 

अब पुलिसकर्मियों को डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई होने पर पुलिसकर्मियों को छह महीने तक थाने और चौकियों का चार्ज नहीं मिल सकेगा। 27 मार्च की रात थाना न्यू आगरा में मंदिर के पास लगा पेड़ रात के अंधेरे में काट दिया गया था। इसके लिए पांच मजदूर लगाए गए थे। रात में ही लकड़ी उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंगवा ली गई थीं।

पेड़ काटने के दौरान का वीडियो कुछ राहगीरों ने बना लिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस ने यह कहकर बचने का प्रयास किया कि पेड़ कमजोर था। जीडी में एंट्री कर छंटाई कराई गई थी। वन विभाग ने भी दो मजदूरों पर कार्रवाई कर मामला ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी तक पहुंच गया।

हालांकि थानाध्यक्ष न्यू आगरा योगेश कुमार का स्थानांतरण रकाबगंज किया गया। उनके स्थान पर निशामक त्यागी भेजे गए। मामले में डीसीपी सिटी ने बताया कि तत्कालीन एसओ योगेश कुमार, दरोगा सोनू कुमार, गन्धर्व सिंह, मुख्य आरक्षी कपिल कुमार और आरक्षी शीलू कुमार को नोटिस जारी किया गया है। आरोप साबित होने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी हो जाएगी। इसके उन्हें छह महीने तक थाने का प्रभार नहीं मिल सकेगा। वहीं मजदूरों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की विवेचना क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर की गई है।

वायरल वीडियो में नजर आए थे एसओ
रिपोर्ट में कहा है कि थाना न्यू आगरा की गोपनीय पुस्तिका में थाना न्यू आगरा दयालबाग रोड पर था। वर्ष 2013 में थाना न्यू आगरा को भगवान टॉकीज चौराहा स्थित न्यू आगरा की डिवीजन चौकी में स्थापित किया गया। वर्तमान में वहीं चल रहा है। पेड़ डिवीजन चौकी परिसर में था। काटा गया तो जिम्मेदार चौकी इंचार्ज डिवीजन हैं। मगर जब पेड़ काटा का रहा था तब एसओ योगेश कुमार वायरल वीडियो में दिख रहे थे।

बयान में कहा, पेड़ से छू रहे थे बिजली के तार
पेड़ काटने से पहले ही 20 मार्च को जीडी में तस्करा डाला गया था। लिखा था कि रात में बारिश हुई थी। पेड़ की एक टहनी थाने की बिल्डिंग पर टूटकर गिरी। इससे बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जांच में तत्कालीन एसओ योगेश कुमार ने बयान दिया है कि पेड़ का एक तना सड़क की ओर झुक रहा था। बिजली के तारों से छू रहा था। इससे करंट फैल रहा था। इससे तत्कालीन डिवीजन चाैकी प्रभारी सोनू कुमार और बीट प्रभारी कपिल कुमार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 28 मार्च की सुबह थाने आने पर पेड़ कटा मिला। पेड़ की लकड़ी को सुरक्षित रखवाया गया है। उसे बेचकर पैसा सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा।

नहीं हैं बिजली के तार
सबसे बड़ी बात यह है कि तत्कालीन एसओ न्यू आगरा ने अपने जो बयान दिए हैं, वह हकीकत में नहीं नजर आ रहे हैं। थाने से जो तार गुजरे हैं, वो डिश केबल, सीसीटीवी और इंटरनेट कनेक्शन के हैं। यह भी दीवार से दूर हैं। पुराने फोटो भी वायरल हुए हैं, जिसमें पेड़ की डाल सड़क तक आते नजर नहीं आ रही है। टोरंट ने थाने के पास से गुजर रही बिजली की लाइन को अंडरग्राउंड कर दिया था।

Spread the love
और पढ़े  UP- आज से भीषण गर्मी की वापसी, नौ से 11 जून तक इन जिलों में चलेगी लू,6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
  • Related Posts

    UP- एक और एनकाउंटर: एक लाख का इनामी भानु प्रताप सिंह एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर, दर्ज थे 40 से अधिक मुकदमे

    Spread the love

    Spread the loveप्रयागराज एसटीएफ टीम ने रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश व कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। घायल…


    Spread the love

    अयोध्या- राम मंदिर ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप, पुलिस को अभी तक नहीं मिली कोई लिखित शिकायत, ट्रस्ट का जवाब।

    Spread the love

    Spread the loveअयोध्या में राम मंदिर से दान के करोड़ों रुपये गायब होने के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारी इस बारे…


    Spread the love