जन्माष्टमी आज, मध्यरात्रि से 12:43 तक पूजन का शुभ मुहूर्त, इन नियमों का कजन्माष्टमी पर शनिवार को 190 साल बाद दुर्लभ योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जन्माष्टमी तिथि शुक्रवार रात 11:49 बजे से शनिवार रात 9:34 बजे तक है। शुक्रवार को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में, गुरु मिथुन राशि में और मंगल कन्या राशि में होगा। ऐसे में 190 साल के बाद जन्माष्टमी पर गौरी, बुध आदित्य, वेशी, अमृत सिद्धि, गजलक्ष्मी और राजराजेश्वर योग बन रहा है।
जन्मभूमि पर जन्माभिषेक कार्यक्रम
श्री गणपति एवं नवग्रह स्थापना-पूजन आदि रात 11:00
सहस्त्रार्चन (पुष्प एवं तुलसीदल से) रात 11: 55 बजे तक
प्राकट्य दर्शन के लिए पट बंद रात 11:59 मिनट पर
प्राकट्य दर्शन और आरती रात 12:00 बजे से 12: 10 बजे तक
पयोधर महाभिषेक (कामधेनु) रात 12: 10 बजे से 12: 25 बजे तक
ठाकुर जी का जन्म-महाभिषेक रात 12: 25 बजे से 12: 40 बजे तक
श्रंगार आरती रात 12: 45 बजे से 12: 50 बजे तक
शयन आरती रात 01:55 बजे से 2:00 बजे तक







