पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष अब चौथे महीने में प्रवेश करने वाला है। दुनियाभर के देशों की ओर से ईरान के साथ अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ी इस जंग का कूटनीतिक हल निकालने की तमाम कोशिशें बेनतीजा रही हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे शांति समझौते की सुगबुगाहट तेज थी। हालांकि, बीते कुछ दिनों में जमीनी हालात पूरी तरह बदल गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से दक्षिणी ईरान में की गई ताजा सैन्य कार्रवाई ने चल रहे युद्धविराम को बेहद नाजुक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
इस्राइली रक्षा मंत्री ने ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा करने को बताया रणनीतिक जीत
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में इस्राइली सेना ने लिटानी नदी के पार अभियान का विस्तार करने के बाद दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू के निर्देश और मेरे मार्गदर्शन में सेना ने लेबनान में सैन्य अभियान का विस्तार किया। लिटानी नदी को पार किया और ब्यूफोर्ट रिज पर कब्जा कर लिया – जो गैलील समुदायों की रक्षा और हमारी सेनाओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक है।” वहीं, इस्राइल के दावे पर लेबनानी अधिकारियों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है।
दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान एक इस्राइली सैनिक शहीद
इस्राइली सेना ने बताया कि शनिवार को दक्षिणी लेबनान में हुई लड़ाई में 21 वर्षीय एक सैनिक शहीद हो गया। सेना ने बताया कि इस घटना में चार अन्य सैनिक भी घायल हुए हैं। चैनल 12 ने बताया कि ड्रोन हमले में सैनिक शहीद हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक शानदार समझौता करेगा, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम वापस जाकर इसे सैन्य रूप से खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि वह समझौता करना पसंद करेंगे, क्योंकि इससे कई जानें बचेंगी और हम हस्ताक्षर करते ही होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल सकते हैं।
उन्होंने ईरान के नेतृत्व को बहुत सख्त वार्ताकार बताते हुए कहा कि अमेरिका धीरे-धीरे अपनी मनचाही चीजें हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा, “इसमें काफी समय लगता है। मुझे कोई जल्दी नहीं है। अगर आप जल्दी में रहेंगे, तो आप कोई अच्छा सौदा नहीं कर पाएंगे। धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि हमें वह मिल रहा है जो हम चाहते हैं, और अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे किसी और तरीके से खत्म करेंगे।”
ईरान की ओर बढ़ रहे मालवाहक जहाज को अमेरिकी सेना ने निष्क्रिय किया: सेंटकॉम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि उसने गाम्बिया के झंडे वाले एक समुद्री जहाज को निष्क्रिय कर दिया, जो ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था। सेंटकॉम ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, “सेंटकॉम बलों ने एम/वी लियान स्टार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होकर ओमान की खाड़ी में स्थित एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाते हुए देखा। जहाज को 20 से ज्यादा चेतावनियां दी गईं और उसे बताया गया कि वह अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा है।”
बयान के अनुसार, “जब लियान स्टार के चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया। अब यह जहाज ईरान की ओर आगे नहीं बढ़ रहा है।” समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटकॉम ने कहा कि इस नौसैनिक नाकाबंदी के दौरान अमेरिकी सेना अब तक कुल पांच वाणिज्यिक जहाजों को निष्क्रिय कर चुकी है और 116 जहाजों का रास्ता बदल चुकी है।
ईरान-अमेरिका तनाव बरकरार, आईआरजीसी ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को एक बयान में कहा कि उसने अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है। यह जानकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने दी। रिपोर्ट के अनुसार, यह ड्रोन कथित तौर पर ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ था। आईआरजीसी ने कहा कि ड्रोन का तुरंत पता लगा लिया गया और उसे वायु रक्षा मिसाइलों से गिरा दिया गया।
इससे पहले मंगलवार को आईआरजीसी ने कहा था कि अगर अमेरिका युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन करता है, तो उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का ‘वैध और निश्चित’ अधिकार सुरक्षित है। आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने अमेरिका के एमक्यू-9 ड्रोन को भी मार गिराया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने एक लड़ाकू विमान पर फायरिंग की, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान पर नए ‘आत्मरक्षा संबंधी हमले’ किए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाकर हमला किया। सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की है ताकि ईरानी बलों से पैदा होने वाले खतरों से अपने सैनिकों की रक्षा की जा सके।








