ईरान से डील को लेकर ट्रंप दुविधा में- परमाणु और होर्मुज संकट पर टली बड़ी घोषणा, अंतिम फैसले का अब भी इंतजार

Spread the love

मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक बड़ी बैठक की। यह बैठक सिचुएशन रूम में हुई। इसमें ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ चर्चा की। इस बैठक में ईरान के साथ चल रहे तनाव पर बात हुई। दो घंटे की इस बातचीत के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया। दोनों देशों के बीच युद्धविराम बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही है। इसके साथ ही होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने पर भी चर्चा हो रही है। ईरान ने कहा है कि यह सौदा अभी पक्का नहीं हुआ है।

 

ट्रंप की शर्तें और परमाणु विवाद
इस बैठक से पहले ट्रंप ने एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में अंतिम फैसला लेना चाहते हैं। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बैठक की जानकारी दी। उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप अपनी शर्तों पर ही समझौता करेंगे। वह ईरान के परमाणु मंसूबों को रोकना चाहते हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु बम नहीं बनाएगा। ईरान के पास अभी 440.9 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम का भंडार है। यह 60 प्रतिशत तक शुद्ध है। परमाणु हथियार बनाने के लिए 90 प्रतिशत शुद्धता चाहिए होती है। ट्रंप चाहते हैं कि इस सामग्री को जमीन से खोदकर निकाला जाए। फिर इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए।

 

होर्मुज जलमार्ग का संकट
नए समझौते में होर्मुज जलमार्ग को खोलना सबसे बड़ी शर्त है। यह दुनिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। ईरान को 30 दिनों के भीतर यहां से सभी समुद्री बारूदी सुरंगे हटानी होंगी। ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टैक्स नहीं लगा पाएगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा। अमेरिका प्रतिबंधों में भी ढील देगा ताकि ईरान अपना तेल बेच सके।

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर एक अचानक हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था। पहले यहां से रोज 100 से ज्यादा जहाज़ निकलते थे। अब सिर्फ दो दर्जन जहाज ही निकल पाते हैं। ईरान ने यहां टैक्स वसूलने के लिए एक नई एजेंसी बनाई है। इस वजह से अमेरिका ने इस हफ्ते ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप ने ओमान को भी इस मामले में दूर रहने की चेतावनी दी है।

और पढ़े  राम रहीम को मिली 30 दिन की फरलो, 16वीं बार आया जेल से बाहर, दो गाड़ी लेकर सुनारिया जेल आई हनीप्रीत

दोनों पक्षों में अविश्वास
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका पर भरोसा करने से इनकार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों से रियायतें हासिल करते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि उनका ध्यान अभी सिर्फ युद्ध खत्म करने पर है। वे परमाणु योजना पर बात नहीं कर रहे हैं।

ईरान चाहता है कि लेबनान में हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच भी लड़ाई रुके। इसके साथ ही ईरान अपनी फ्रीज की गई अरबों डॉलर की रकम भी वापस चाहता है। ईरान की संसद के एक वरिष्ठ नेता इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा कि हम कैश के बदले कैश की नीति पर ही काम करेंगे। फिलहाल दोनों देशों के बीच सात हफ्तों से युद्धविराम जारी है। दोनों तरफ से छोटे-मोटे हमले और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। लेकिन फिर भी दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर बने हुए हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    Bengal: अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास पर फिर पहुंची CID की टीम

    Spread the love

    Spread the loveतृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल सीआईडी ने नोटिस जारी कर 1 जून को दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी…


    Spread the love

    पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौट रहे शरणार्थियों का ट्रक पलटा, 18 की मौत

    Spread the love

    Spread the loveपूर्वी अफगानिस्तान में शनिवार एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पाकिस्तान से आ रहे अफगान शरणार्थियों को लेकर जा रहा एक ट्रक राजमार्ग पर पलट गया। इस हादसे में…


    Spread the love