अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी के संदेह में एक नौका पर एक और हमला किया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जो इस सप्ताह का तीसरा हमला था। इस कार्रवाई के साथ ही इस अभियान में कुल हताहतों का आंकड़ा 200 से अधिक हो गया है।
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध ड्रग नौकाओं के खिलाफ जारी महीनों लंबी कार्रवाई के तहत इस नए हमले का एलान किया। कमान के अनुसार, नौका नशीले पदार्थों की तस्करी में जुड़ी हुई थी और एक बड़े आतंकवादी संगठन द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया गया।
पहली बार जारी किया हमले का रंगीन फुटेज
सैन्य सोशल मीडिया घोषणाओं में हमेशा हमलों के वीडियो शामिल होते हैं। हालांकि, यह पहली बार है जब रंगीन फुटेज जारी किया गया है, जो पहले काले और सफेद में आता था। वीडियो में समुद्र में एक छोटी नौका को दिखाया गया है, जिस पर हमला होने के बाद वह आग की लपटों में घिर जाती है। इसके बाद नाव आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई देती है, जिसके चारों ओर पानी में पार्सल या अन्य वस्तुएं फैली हुई हैं।
इस हमले के साथ ही सितंबर की शुरुआत में शुरू हुए अमेरिकी हमलों की श्रृंखला में मरने वालों की संख्या 202 हो गई है। पिछले मंगलवार और बुधवार को भी दो अन्य हमलों की घोषणा की गई थी। ट्रंप प्रशासन ने एलान किया है कि अमेरिका लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल के साथ सशस्त्र संघर्ष में है। अमेरिका का कहना है कि अमेरिकी समुदायों में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ये कार्टेल जिम्मेदार हैं।
क्यूबा के सैन्य नेताओं से मुलाकात के बाद बड़ा हमला
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि यह हमला उत्तरी अमेरिका में शीर्ष अमेरिकी कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन के निर्देश पर हुआ। जनरल डोनोवन ने शुक्रवार को ग्वांतानामो खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के पास क्यूबा के सैन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी।







