देवाल: Accident: डरा या रोया नहीं, छह साल के मयंक ने दिखाई हिम्मत, मां समेत 2 लोगों की ऐसे बचाई जान

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मोली में देवाल विकासखंड के ल्वाणी के समीप हुई कार दुर्घटना से पूरा क्षेत्र सदमे है। लेकिन इस घटना में घायल हुए छह वर्षीय मयंक के साहस की हर कोई सराहना कर रहा है। खुद घायल होने के बावजूद मयंक ने घटनास्थल पर मां को खोजा, मां के पास आया और संभाला, मां का गला सूखने पर जंगली फल हिसोल खिलाई और मां को राहत दी। इसके बाद अपनी मां के फोन से पिता को फोन किया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद ही रेस्क्यू शुरू हो पाया।

दुर्घटनाग्रस्त कार में तीन मृतकों के अलावा छह वर्षीय मयंक अपनी मां कविता और परिवार के अन्य युवती रोशनी के साथ था। दुर्घटना के समय मयंक, रोशनी व उसकी मां कविता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

Chamoli Car Accident Neither Scared Nor Crying Six Year Old Mayank Saves Lives of Two People Including His Mot

मां गंभीर रूप से घायल थी। लेकिन मयंक ने हिम्मत नहीं हारी, वह रोने या डरने के बजाय तुरंत मां के पास पहुंचा। गंभीर चोट व खून बहने से मां का मुंह सूख रहा था। मां को कुछ राहत मिले, उसने पास की झाड़ी से हिसोल निकालकर अपनी मां को खिलाया।

 

दुर्घटना के बाद भी घायल मयंक ने मोबाइल नहीं छोड़ा। घायल अवस्था में ही वह अपनी मां कविता के पास गया। अपने पापा को फोन कर उसने घटना की जानकारी दी। फोन से उसकी मां ने भी घटनास्थल व आसपास के दृश्य के बारे में बताया।

Chamoli Car Accident Neither Scared Nor Crying Six Year Old Mayank Saves Lives of Two People Including His Mot

करीब एक घंटे के बाद उसके पापा व ल्वाणी गांव के लोग घटना स्थल में पहुंचे, काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शनिवार की सुबह करीब चार बजे दुर्घटना में घायल छह साल के बच्चे के प्रयास से घायल समय से अस्पताल पहुंचे।

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Chamoli Car Accident Neither Scared Nor Crying Six Year Old Mayank Saves Lives of Two People Including His Mot

इस घटना में घायल मयंक ने साहस का परिचय दिया। इस दुखद घटना में मयंक ने जिस बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया, वह सचमुच सराहनीय है। अपनी चोटों और डर की परवाह किए बिना, उसने शीघ्र फोन करके अपनी मां, युवती की जान बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।


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