लोहाघाट / चम्पावत : नेपाल सीमा से लगा चंपावत जिले का झूमा देवी का मंदिर, जाना जाता है निसंतान दंपतियों को संतान का सुख देने के लिए ।

विश्व में उत्तराखंड देव भूमि के तौर पर अपनी पहचान रखता है, लेकिन नेपाल सीमा से लगा चंपावत जिले का झूमा देवी का मंदिर निसंतान दंपतियों को संतान सुख देने की सुख देने के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में हर साल सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नत के लिए पहुंचते हैं , झूमा देवी मंदिर मेला से ही इस क्षेत्र की एक पहचान होती है। इसी पहचान को बरकरार रखते हुए आज लोहाघाट में झूमा देवी का डोला निकाला गया तथा मेला का आयोजन किया गया मेले में इस क्षेत्र के सैकड़ों लोग आपस में मिल जुल कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं।वहीं श्रद्धांलु झूमां देवी मां से संतान सुख मागते हैं। पूरी रात माँ का जागरण कीर्तन किया जाता है अगली सुबह हजारों की संख्या में श्रद्धालु खड़ी चढ़ाई चढ़ते हुए रस्सीयों के सहारे जान जोखिम में डालकर मंदिर तक आते हैं यहां मां की महिमा है कि खुद महिलाएं इस बात की तस्दीक करती है कि मां के जागरण और आशीष से उन्हें संतान की प्राप्ति हुई है। झूमा देवी का मंदिर निसंतान दंपत्ति के जीवन मैं विशेष आस्था का केंद्र है शायद इसीलिए मान्यता है कि मां झुमा के मंदिर में महिलाएं 2 दिन तक पूरी तरह से निर्जला व्रत रख संतान सुख की प्राप्ति करती है इसीलिए यहu मेला प्रसिद्ध है यह मेला साल में दो बार लगता है झूमा देवी का मंदिर लोहाघाट मार्केट से 5 किलोमीटर की दुरी पर स्थित हैl

और पढ़े  उत्तराखंड: जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने छोड़ी भाजपा, 2022 में लड़ा था चुनाव
  • Related Posts

    ड्राई डे के दिन नैनीताल पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 3 अभियुक्त गिरफ्तार

      गांधी जयंती के अवसर पर ड्राई डे के दौरान नैनीताल पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 03 अभियुक्त गिरफ्तार, 145 टेट्रा पैक/पाउच अवैध शराब बरामद, शराब परिवहन…

    उत्तराखंड- रुला रहा है जाम: कैंची धाम से लेकर मसूरी-ऋषिकेश में उमड़े सैलानी, घंटों फंसे वाहन

    उत्तराखंड में अब बारिश थमने के बाद से मौसम सुहाना बना हुआ है। ऐसे में वीकेंड पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। जिससे कुमाऊं और गढ़वाल के पर्यटक स्थलों…