संसद का शीतकालीन सत्र- संसद सत्र के 9वें दिन राज्यसभा में चुनाव सुधार पर बहस, जेपी नड्डा ने वंदे मातरम पर दिया जवाब

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संसद के शीतकालीन सत्र का आज 9वां कार्यदिवस है। लोकसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इसके बाद अन्य विधायी कार्यों का निपटारा किया गया। राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने चुनाव सुधार पर चर्चा शुरू कराई।

 

राज्यसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा

राज्यसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अजय माकन ने की।

राज्यसभा में जेपी नड्डा ने ‘वंदे मातरम के 150 साल’ पर चर्चा का जवाब दिया

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज ‘वंदे मातरम के 150 साल’ पर हुई चर्चा का जवाब दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में चर्चा का जवाब देने के दौरान कहा, स्वतंत्रता के बाद वंदे मातरम को उचित सम्मान नहीं मिला और इसके लिए तत्कालीन सरकार जिम्मेदार है। नड्डा ने राज्यसभा में वंदे मातरम पर हुई चर्चा का समापन करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कांग्रेस अवसरवादी रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी नेता, विशेषकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की छवि खराब करना नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक तथ्यों को ठीक तरह से रखना है। उनके अनुसार, वंदे मातरम को सम्मान न मिलने के लिए उस समय की सरकार जिम्मेदार थी। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस अनुकूल परिस्थितियों में नेहरू युग का श्रेय लेती है, लेकिन प्रतिकूल स्थितियों में जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय सम्मान कानून, 1971 में वंदे मातरम का अपमान करने पर किसी दंड का प्रावधान नहीं है। नड्डा के जवाब के बाद राज्यसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा की शुरुआत हुई।

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स्पीकर ओम बिरला ने कहा- संक्षिप्त सवाल करें, जवाब पर मंत्रियों से भी अपील

स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल में संक्षिप्त सवाल करने की अपील करते हुए कहा, एक घंटे के प्रश्नकाल में 20 सवाल होते हैं। उनका प्रयास होता है कि जिन लोगों ने कभी सवाल नहीं किए उन्हें मौका दिया जाए। मंत्रियों से सदन की अपेक्षा को लेकर स्पीकर ने कहा, जवाब संक्षेप में दिया जाना चाहिए, ताकि अधिकांश सवालों को समाहित किया जा सके।

कर्नाटक के बेल्लारी से निर्वाचित सांसद ई तुकाराम ने भी अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ा सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 13 हजार करोड़ से अधिक का फंड केंद्र सरकार को देना है, जो लंबित है। इसे कब तक दिया जाएगा। इस पर मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि राज्यों में खर्च की पुष्टि का प्रमाण पत्र मिलने के बाद फैसला लिया जाएगा। अगले सप्ताह मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ इस संबंध में बैठक होनी है।

प्रश्नकाल में महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसद संजय जाधव ने SFURTI योजना (महाराष्ट्र के पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार के लिए निधि योजना) के तहत क्लस्टर बनाने की दिशा में उनके संसदीय क्षेत्र में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को लेकर सवाल किया। इसका जवाब केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्य उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने दिया। उन्होंने कहा कि 2022 से इस योजना को बंद किया जा चुका है। लेकिन सरकार गुणवत्तापूर्ण, प्रतिस्पर्धी उत्पादों से जुड़ी योजनाओं के तहत हरसंभव मदद करने का प्रयास कर रही है।

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