पश्चिम एशिया संकट- US ने ईरान के सबसे ऊंचे पुल को हवाई हमले में तबाह किया, तेहरान का करज से संपर्क टूटा

Spread the love

श्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। जंग के 34वें दिन हवाई हमलों में पश्चिम एशिया के सबसे ऊंचे पुल को निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान का अपने पड़ोसी शहर करज से संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थानीय मीडिया ने इस भीषण हमले की पुष्टि की है।

 

हमले में दो लोगों की मौत
इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है। ईरानी अधिकारी ने बताया कि कई अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में ले जाया गया है। इस हमले से जुड़ी बिजली, पानी या पर्यावरण संबंधी किसी भी समस्या की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल के अलावा करज शहर के कई अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

 

ईरानी इंजीनियरिंग का गौरव था यह पुल
जिस बी1 ब्रिज को इस हमले में निशाना बनाया गया है, वह ईरान के लिए सिर्फ एक रास्ता भर नहीं था। यह पश्चिमी एशिया के सबसे आधुनिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक था, जिसे पूरी तरह से ईरानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। इस पुल की खासियतें हैरान करने वाली थीं। यह पुल 1,050 मीटर लंबा था और आठ हिस्सों में बंटा था। इसका सबसे लंबा हिस्सा 176 मीटर का था। इसे थामने के लिए 136 मीटर ऊंचा एक विशाल खंभा बनाया गया था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम लागत आई थी।

इसी साल की शुरुआत में पुल का उद्घाटन हुआ था। दावा किया गया था कि यह पुल न सिर्फ दो बड़े शहरों को जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार देगा। लेकिन इस हमले ने ईरान के इस सपने को तगड़ी चोट पहुंचाई है।

और पढ़े  गुजरात राज्यसभा चुनाव: चारों सीटों पर निर्विरोध जीते भाजपा उम्मीदवार, निर्वाचन आयोग ने की घोषणा

ऐतिहासिक पाश्चर इंस्टीट्यूट भी बना निशाना
पुल के तबाह होने के साथ ही गुरुवार को ईरान के मशहूर ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट’ पर हुए हमले ने भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि अमेरिकी-इस्राइली हमलावरों ने ईरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हमला किया है।

आपको बता दें कि यह संस्थान ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र है। इसकी स्थापना साल 1920 में पेरिस के पाश्चर इंस्टीट्यूट और तत्कालीन ईरानी सरकार के बीच एक खास समझौते के तहत की गई थी।


Spread the love
  • Related Posts

    Rahul Gandhi-: राहुल गांधी धोखाधड़ी के लिए जवाबदेही तय करने की बात कर रहे- सचिन पायलट

    Spread the love

    Spread the loveनीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। इसी क्रम में आज शाम चार बजे कोटा पहुंच गए हैं। नेता…


    Spread the love

    जी7 शिखर सम्मेलन- बस कुछ देर में PM मोदी और ट्रंप की होगी मुलाकात, पीएम ने कहा- सिर्फ GDP से नहीं माप सकते देश का विकास

    Spread the love

    Spread the love आउटरीच सत्र में पीएम मोदी ने रखा नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे का प्रस्ताव जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी…


    Spread the love