मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने अधिकारियों के साथ जैन मंदिर पर कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। तो वही जैन मंदिर के महंत ने बताया की मुख्यमंत्री को कुछ दिन पहले हमलोग मिला कर अयोध्या आने का निमंत्रण दिया गया था जिसको वह स्वीकार कर अयोध्या आने की बात कही थी तो आज यह एसएसपी और डीएम सर आये और कार्यक्रम का जायजानिया उसके बाद माता ज्ञानमती से आशीर्वाद लेकर वहां चले गए और यह बताया कि मुख्यमंत्री अयोध्या रहे हैं किसी के संदर्भ में आज यहां आना हुआ है तो वहीं पर आज से जैन मंदिर में शुरू हो रहे भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन श्रद्धा और संस्कृति का अद्भुत संगम रायगंज स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आज से भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक संस्कारों का दिव्य संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव के प्रथम दिन मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।
जैन मंदिर कमेटी के पीठाधीश्वर रवीन्द्र कीर्ति जैन एवं प्रज्ञाश्रमिणी ज्ञानवती माता ने बताया कि अयोध्या जैन धर्म की प्राचीनतम एवं पवित्र तीर्थस्थलियों में से एक है। प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थली होने के कारण इस नगरी का जैन इतिहास में विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि जैन समाज की पूज्य गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता की प्रेरणा से मंदिर परिसर में भरत चक्रवर्ती के 923 पुत्रों को समर्पित भव्य जिनमंदिर का निर्माण कराया गया है। जैन आगमों में वर्णित इस ऐतिहासिक विरासत को मूर्त रूप देने वाला यह मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
महोत्सव के अंतर्गत 923 जिन प्रतिमाओं के धार्मिक संस्कार, पूजन एवं प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं। जैन परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार और विधिवत संस्कारों के बाद ही प्रतिमाएं पूर्ण आराध्य स्वरूप धारण करती हैं। इसी उद्देश्य से पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मंदिर परिसर में 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ को समर्पित दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में निर्मित भव्य जिनालय भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 21 इंच की काले पाषाण से निर्मित भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के विराजमान होने के साथ ही आज से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का विधिवत करें






