नई दिल्ली- अतिक्रमण हटाने के लिए फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चला बुलडोजर, लोग विरोध में…

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तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास का अतिक्रमण एमसीडी ने बुलडोजर चलाकर आज तड़के हटा दिया। इसकी तैयारी निगम ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कल ही कर ली थी। अतिक्रमण हटाने के लिए रात को बुलडोजर आ गए थे। सरकारी कर्मियों को अंदेशा था कि कुछ लोग इस काम में अड़चन पैदा करेंगे, लिहाजा तैयारी के साथ अतिक्रमण हटाया गया। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए।

सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, एमसीडी ने 7 जनवरी, 2025 की तड़के दिल्ली के रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट अतिक्रमित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया। इस कार्रवाई के दौरान, कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करके अशांति फैलाने का प्रयास किया। संयमित और न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया और बिना किसी तनाव के सामान्य स्थिति बहाल की गई।

कार्रवाई जारी
डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि कार्रवाई अभी जारी है। एमसीडी तोड़फोड़ कर रही है। हमने सुरक्षा के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया है। कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। एमसीडी ने उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिक्रमित भूमि पर तोड़फोड़ की। रात में पुलिस पर पत्थर फेंके गए। हमने उन्हें रोकने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। चार से पांच अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज मिलते ही हम उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

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अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सैयद फैज इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के अधिकारियों के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट से पहले कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने पुरानी दिल्ली की इस सदी पुरानी मस्जिद में 10 मिनट से अधिक समय बिताया था। इस विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने मस्जिद सैयद फैज इलाही की प्रबंध समिति द्वारा दाखिल याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामला विचारणीय है। पीठ ने संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के अंदर याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल निर्धारित की।

याचिका में एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है जिसमें कहा गया है कि मस्जिद वाली 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी सभी संरचनाएं ध्वस्त करने योग्य हैं, क्योंकि मस्जिद प्रबंध समिति या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जमीन के स्वामित्व या वैध कब्जे का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं पेश किया है।


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