आग की लपटों ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया था। आग बुझाने के अभियान के दौरान, लगभग 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें से दो को मामूली चोटें आईं। बचाव अभियान में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां शामिल थीं, जिन्होंने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि “आग बुझाने के अभियान के दौरान इमारत से करीब 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग पर काबू पाने के लिए कुल 12 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, जबकि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने बचाव और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयासों में मदद की।
पुलिस ने बताया कि कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और आग लगने के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, आग पर काबू पाने के बाद डीओ मुकेश वर्मा से सुबह करीब 8:00 बजे ‘STOP’ संदेश मिला। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि आग इमारत के कम से कम छह फ्लैटों में रखे घरेलू सामान में लगी थी।
बचाव अभियान के दौरान, अलग-अलग मंजिलों से नौ जली हुई लाशें बरामद की गईं, पहली मंजिल से एक, दूसरी मंजिल से पांच और बंद सीढ़ियों से तीन शव मिले। आशंका है कि ये लोग सीढ़ियों के रास्ते बाहर भागने के प्रयास में थे, लेकिन ताला न खुला होने के कारण निकल न पाए और जिंदा जल गए। इन लाशों को दिल्ली पुलिस टीम को सौंप दिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के फ्लैटों तक फैली थी, और लगभग 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से मामूली रूप से घायल दो लोगों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय नगर पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
स्थानीय नगर पार्षद पंकज लूथरा कहते हैं, सूचना मिलते ही मैं तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। मैं अभी-अभी ऊपर की मंजिलों से नीचे आया हूं। दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से में पांच शव मिले हैं। एक और शव पिछले हिस्से में मिला, और तीन शव सबसे ऊपरी मंजिल पर मिले हैं। अभी पहचान करना नामुमकिन है।
हम अभी भी आगे की जांच कर रहे हैं, लेकिन जब तक DNA जांच नहीं हो जाती, तब तक हम पीड़ितों का लिंग (gender) पता नहीं लगा पाएंगे। कुल नौ शवों की पुष्टि हो चुकी है। लोग इसका कारण शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं, लेकिन घटना के सही कारण के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा विधायक संजय गोयल ने कहा कि “यह एक बहुत ही दुखद घटना है… यह घटना विवेक विहार के ब्लॉक B में स्थित एक इमारत में हुई। इस इमारत में आठ फ्लैट हैं। शॉर्ट सर्किट की वजह से सुबह करीब 3:45 बजे आग लगी और इमारत की चारों मंजिलों तक फैल गई। क्योंकि कुछ लोग ताला नहीं खोल पाए, इसलिए उनकी जान चली गई।
शवों को पहचान के लिए GTB अस्पताल की मोर्चरी में ले जाया जा रहा है। कुछ शव तो कंकाल में बदल चुके हैं। उनकी पहचान DNA सैंपलिंग के ज़रिए की जाएगी। पुलिस ने पहचान के लिए शवों की तस्वीरें ले ली हैं। इस घटना के पीछे मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह AC में धमाके की वजह से हुआ।
दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक
1. अरविंद जैन(60) पुत्र छोटे लाल
2. अनीता जैन(58) पत्नी अरविंद जैन
3. निशांत जैन (35)पुत्र अरविंद जैन
4. आंचल जैन(33) पत्नी निशांत जैन
5. मास्टर आकाश जैन पुत्र निशांत जैन, उम्र – 1.5 वर्ष
पहली मंजिल पर मृतक
1. शिखा जैन (45) पत्नी नवीन
तीसरी मंज़िल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य:
1. नितिन जैन (50)
2. शैले जैन ( 48) पत्नी नितिन जैन
3. सम्यक जैन (25) पुत्र नितिन जैन
घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष
विवेक विहार हादसे में जान गंवाने वाले अरविंद जैन के साले संजय जैन ने बताया के करीब दस साल पहले परिवार सीलमपुर के गौतमपुरी से विवेक विहार में शिफ्ट हुआ था। शव पूरी जल गए हैं। अरविंद के बेटे दीपक का डीएनए लिया गया है।