देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। रुझानों में बंगाल में भाजपा ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। केरल में यूडीएफ गठबंधन जीत के करीब है। जानिए चुनाव नतीजों से जुड़ी पल-पल की अपडेट…
असम की जोरहाट सीट से असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई हार के करीब
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट सीट से हार के करीब है। दरअसल वे भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। 14 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ एलान बाकी है।
शिवराज सिंह बोले- यह बंगाल की नहीं, भारत की विजय
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘मैं बचपन से भारतीय जनसंघ से जुड़ा था जिसकी स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। हमेशा से इतना ही सवाल था कि बंगाल में कब सरकार बनेगी। बरसों की आस प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरी हुई है। उनका बलिदान सार्थक हुआ है। यह केवल बंगाल की विजय नहीं है। यह भारत की विजय है। बंगाल में जो हो रहा था, वह वोट बैंक की राजनीति के कारण हो रहा था। अवैध घुसपैठ ने बंगाल को तबाह कर दिया था। वहां अराजकता थी और इसकी जिम्मेदार वहां की सरकार TMC थी।’
तमिलनाडु के नतीजों पर क्या बोलीं विजय की बहन?
तमिलनाडु की कुल 234 सीटों में से 109 सीटों पर आगे चल रही TVK के बारे में TVK चीफ विजय की बहन ने कहा, ‘वे एक युवा और एनर्जेटिक इंसान हैं और तमिलनाडु में हर कोई उनसे सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा है और निश्चित रूप से हमें विश्वास है कि वे सभी में सबसे अच्छा कर सकते हैं… अपनी आखिरी स्पीच में, उन्होंने कहा कि लोग मुझ पर इतना विश्वास करते हैं… चुनाव से पहले वे जो बोलते हैं, वह निश्चित रूप से पक्का करेंगे कि वह हो… यह एक बहुत बड़ी जीत है।’
भाजपा नेताओं ने झालमुड़ी खाकर मनाया जश्न
भाजपा नेताओं ने पार्टी मुख्यालय में ‘झालमुरी’ और ‘रसगुल्ले’ वितरित कर जश्न मनाया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, भाजपा बंगाल में 192 सीटों पर आगे है।
लेफ्ट नेता वामपंथ के भविष्य को लेकर चिंतित
पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त पर CPI महासचिव डी राजा ने कहा, ‘पहली बार, भाजपा सरकार बनाने जा रही है। यह न केवल एक चेतावनी है, बल्कि सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक संगठनों के लिए एक वास्तविक सबक है। वामपंथ का प्रदर्शन चिंताजनक है। जब तक हम बंगाल में वामपंथ को पुनर्जीवित नहीं करते, यह पूरे देश में वामपंथ के लिए एक चुनौती होगी। अगर हम केरल हार जाते हैं, तो वामपंथ का भविष्य क्या है?’






