पश्चिम बंगाल- बंगाल में मतगणना के बीच ममता बोलीं- मनमानी कर रहा चुनाव आयोग, डटे रहें TMC कार्यकर्ता

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श्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पिछड़ने और सत्ता से बेदखली के संकेतों के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक अहम बयान जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर जारी वीडियो में उन्होंने पार्टी के चुनाव अभिकर्ताओं (एजेंट्स) और उम्मीदवारों को किसी भी हालत में मतगणना स्थल न छोड़ने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका और केंद्रीय बलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कई आरोप लगाए हैं।

 

रुझानों के बीच सीएम ममता बनर्जी का दावा
शुरुआती रुझानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिल रही प्रचंड बहुमत और मतगणना के करीब छह घंटे बाद 190 से अधिक सीटों पर बढ़त को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ये अनुमानित स्थिति है।

अंतिम जीत तृणमूल कांग्रेस की ही होगी
उन्होंने नतीजों की आधिकारिक घोषणा तक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मतदान केंद्रों पर डटे रहने की अपील की। सीएम ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही वे अंदेशा जता चुकी थीं कि शुरुआत के दो-तीन राउंड की गिनती में भाजपा को आगे और टीएमसी को पीछे दिखाया जाएगा। उन्होंने पार्टी नेताओं का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि शुरुआती रुझानों से हताश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि अंतिम जीत तृणमूल कांग्रेस की ही होगी।

मतगणना रोकने और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य में कई जगहों पर महज दो-तीन राउंड की गिनती के बाद बिना तार्किक औचित्य बताए मतगणना रोक दी गई है। चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया में मनमानी कर रहा है। उन्होंने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाते हुए एक बार फिर दोहराया कि पहले से ही गड़बड़ी हो रही है ऐसे में चुनाव की पारदर्शिता पर संदेह है।

केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था में लगे केंद्रीय बलों पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहा है। ममता बनर्जी के मुताबिक केंद्रीय बलों के जोर पर भय दिखाया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर ज्यादती और अत्याचार के अलावा कार्यालयों में तोड़फोड़ भी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के दफ्तरों को निशाना बनाया जा रहा है।
ममता के मुताबिक बंगाल पुलिस बल स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहा है। राज्य की पुलिस दबाव में काम करने के लिए मजबूर है।

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