झपकी बन गई काल: जालौन में भीषण सड़क हादसा, 7 की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

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जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है।, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शिवानंद की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।

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हादसे के बाद मची चीख-पुकार
कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज 
घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।


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