प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सरकार के मुखिया के तौर पर अपने 25 साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर उन्होंने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। नरेंद्र मोदी का यह सफर 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार तीन बार इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर 25 करोड़ लोगों के अत्यधिक गरीबी से बाहर आने का जिक्र किया। उन्होंने इसे इतिहास की ऐसी बड़ी उपलब्धि बताया, जिसे मानव इतिहास कभी भुला नहीं सकेगा। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दौरे के दौरान उन्हें भारत में हो रहे बदलाव साफ दिखाई दिए। बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल क्षेत्र में तेजी, बढ़ते अवसर और समावेशी विकास ने देश की तस्वीर बदलने में भूमिका निभाई है।
25 साल पूरे होना सभी के लिए खुशी का मौका
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के 25 साल के राजनीतिक सफर को पूरे देश के लिए ‘असीम खुशी’ का अवसर बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और लगातार भारत की पहचान, गौरव और सम्मान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के राष्ट्रीय सेवा के सफर में जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना लगातार नजर आई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन देश के लोगों को विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करता है। योगी ने प्रधानमंत्री को इस लगातार जारी राष्ट्रीय सेवा के सफर के 25 साल पूरे होने पर हार्दिक बधाई दी।
शिवराज ने बताया- अद्भुत, ऐतिहासिक और अविश्वसनीय दिन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल पूरे होने के मौके को ‘अद्भुत, अभूतपूर्व, अकल्पनीय और ऐतिहासिक’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई थी और अब विकसित तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के बड़े संकल्प तक पहुंच गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री की मेहनत, प्रयास, धैर्य और उत्साह को सभी के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ एक सहयोगी के तौर पर काम करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि नरेंद्र मोदी इसी तरह लगातार देश का नेतृत्व करते रहेंगे और जनकल्याण के साथ विकसित भारत के निर्माण में जुटे रहेंगे।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल का सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 में भी जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना। इस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री से शुरू हुआ उनका सफर अब केंद्र की सत्ता में 25 साल पूरे करने के पड़ाव तक पहुंच गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई मोदी की यात्रा राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण का पर्याय बन चुकी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी की इस पूरी यात्रा का मूल मंत्र हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ रहा है।
जनकल्याण और विकास को बताया बड़ी उपलब्धि
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जनकल्याणकारी कार्यों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और करोड़ों लोगों को घर, पानी, शौचालय, गैस कनेक्शन और बैंकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलीं। उनके नेतृत्व में भारत ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन मजबूत हुआ है, भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ा है तथा युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर बने हैं।
25 साल की यात्रा को बताया प्रेरणादायी
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा की यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने इसे यात्रा का एक पड़ाव बताते हुए कहा कि यह पूर्ण विराम नहीं है। राजनाथ सिंह ने कामना की कि आने वाले वर्षों में भी मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘जनसेवा ही प्रभुसेवा’ के संकल्प के साथ नई ऊर्जा और समर्पण से राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल पूरे करने पर बधाई दी। प्रस्ताव में उनके इस लंबे राजनीतिक सफर को सामान्य उपलब्धि से कहीं बढ़कर बताया गया है। इसमें कहा गया कि यह यात्रा ‘नेशन फर्स्ट’ और ‘सिटिजन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र और नागरिकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के सिद्धांत से प्रेरित रही है। गुजरात में लगातार तीन बड़े जनादेश और इसके बाद लोकसभा चुनावों में तीन बार जनता का समर्थन इस बात को दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों का भरोसा लगातार बना रहा है। कैबिनेट के प्रस्ताव में उनकी गुजरात की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक की यात्रा की दस प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित किया गया है।
गुजरात का मॉडल, देश के लिए बना मिसाल
कैबिनेट के प्रस्ताव ‘गुजरात से भारत तक विकास की दृष्टि का विस्तार’ में बताया गया है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में शुरू की गई कई योजनाओं और प्रयोगों को बाद में राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। इसी कड़ी में SWAGAT का उदाहरण दिया गया है। इस व्यवस्था के जरिए नरेंद्र मोदी खुद लोगों की शिकायतें सुनते थे। इसे 2010 में संयुक्त राष्ट्र का पब्लिक सर्विस अवॉर्ड भी मिला। बाद में इसी सोच से PRAGATI की शुरुआत हुई, जिसके जरिए अलग-अलग सरकारी विभाग और सरकारें एक साथ बैठकर अटकी परियोजनाओं की समीक्षा करती हैं, रुकावटें दूर करती हैं और काम को तेजी से पूरा करने की कोशिश करती हैं।
कैबिनेट के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी की उस सोच का भी जिक्र है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक आत्मविश्वास और पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व दिया गया है। गुजरात में जलवायु से जुड़े काम के लिए अलग विभाग बनाने से लेकर देश में अक्षय ऊर्जा के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने तक के प्रयासों को इस सोच का हिस्सा बताया गया। प्रस्ताव में योग, मोटे अनाज यानी मिलेट्स, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जैसे विषयों का भी उल्लेख किया गया। इन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत और जड़ों से जुड़ाव मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
कैबिनेट प्रस्ताव का अंत 2047 तक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दोहराते हुए किया गया। इसमें सामूहिक प्रयास के जरिए देश को आगे ले जाने और विकास की इस यात्रा को लगातार जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई।





