मोटाहल्दू :- 1 प्रदेश-एक रायल्टी की मांग को लेकर करोड़ो का राजस्व देने वाली गौला सन्नाटे में..

Spread the love

मोटाहल्दू :- 1 प्रदेश-एक रायल्टी की मांग को लेकर करोड़ो का राजस्व देने वाली गौला सन्नाटे में..

हर दिन करीब डेढ़ करोड़ का राजस्व देने वाली गौला नदी में खनन शुरू नहीं हो सका है। दिसंबर में जहां सुबह से शाम तक बेलचे, कुदाल की खनक, घोड़ा-बुग्गी के टॉपों की आवाज और वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देती थीं, आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। डंपर स्वामी एक प्रदेश-एक रायल्टी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।

सामान्य तौर पर गौला नदी में नवंबर में खनन शुरू हो जाता है। दिसंबर तक खनन रफ्तार पकड़ लेता है। इससे औसतन एक दिन में करीब डेढ़ करोड़ तक का राजस्व वन निगम, वन विभाग, जीएसटी, आयकर विभागों को मिलता है। खनन से जुड़े लोगों के अनुसार यह पहली बार हो रहा है कि दिसंबर शुरू हो गया है खनन की रफ्तार पकड़ने की बात तो दूर, अभी तक शुरुआत भी नहीं हो सकी है। जल्द शुरू होने की भी कोई संभावना नहीं दिख रही है।

आरटीओ कार्यालय में सात हजार वाहन सरेंडर हैं, अभी तक कुछेक वाहन ही रिलीज हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, वन निगम गौला नदी में खनन की तैयारी में जुटा है। इसको लेकर सरकारी कार्यालयों में प्रारंभिक तौर पर बातचीत भी हुई है। कुछ वाहनों से खनन शुरू कराने की योजना की बात कही जा रही है।
एडवांस तक नहीं बंट पाया
विधिवत खनन शुरू होने से पहले ही खनन को लेकर डंपर स्वामी, स्टोन क्रशर स्वामी तैयारी शुरू कर देते हैं। स्टोन क्रशर डंपर स्वामियों को और डंपर स्वामियों श्रमिकों के ठेकेदारों को एडवांस देते थे, जिससे वाहन को तैयार कराने से लेकर श्रमिकों के आने-जाने खाद्यान्न आदि की व्यवस्था कर लें। गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष पम्मी सैफी का कहना है कि किसी भी तरह की तैयारी नहीं हुई है। डंपर स्वामी एक प्रदेश एक रायल्टी की समेत अन्य मांग कर रहे हैं। यह मांग पूरी होने तक खनन शुरू नहीं करेंगे।
हर रोज 35 लाख रुपये है पेट्रोलियम का खर्च
हल्द्वानी। गौला में खनन शुरू होता है तो करीब सात हजार वाहन प्रतिदिन चलते हैं। इसमें औसतन पांच सौ रुपये का डीजल लगता है। इस हिसाब प्रतिदिन 35 लाख रुपये के पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री होती है। इसके साथ ही हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलता है। मैकेनिक से लेकर दुकानदारों का कामकाज भी बढ़ता है।
कोसी, नंधौर के 250 वाहन रिलीज हुए
हल्द्वानी/चोरगलिया। नंधौर नदी में छह खनन गेटों के माध्यम से खनन होता है। अभी तक इन खनन गेटों के 899 पंजीकरण फार्म बिके हैं। करीब ढाई सौ वाहन रिलीज हुए हैं। जिले में कोसी, दाबका नदी में भी खनन होता है।

और पढ़े  हरिद्वार: धार्मिक स्थलों पर नकली नोट खपाने की साजिश, नेटवर्क का भंडाफोड़, 14 दिन में 12 तस्कर गिरफ्तार

Spread the love
  • Related Posts

    आना मना है: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं होगी कांवड़ यात्रा, जरूरी इंतजाम करने के लिए राज्यों में सहमति

    Spread the love

    Spread the loveकुछ ही दिनों में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को घोषणा की कि कांवड़ यात्रियों के लिए…


    Spread the love

    देहरादून : अग्निवीरों के लिए बनेगी स्पेशल सेल, 4 साल की सेवा के बाद रोजगार की जिम्मेदारी उठाएगी सरकार

    Spread the love

    Spread the loveधामी सरकार चार साल की सेवा के बाद रिटायर हो रहे अग्निवीरों के लिए विशेष सेल का गठन करेगी। इस सेल के जरिये राज्य के सभी पूर्व अग्निवीरों…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *