लालकुआं: अवैध खनन की सूचना पर वन विभाग ने की कार्रवाई।

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लालकुआं: अवैध खनन की सूचना पर वन विभाग ने की कार्रवाई।

लालकुआं गौला नदी में श्रीलंका टापू के निवासियों के लिए खोले गए रास्ते से बेतहाशा चल रहे अवैध खनन की सूचना पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिन्दुखत्ता के तमाम क्षेत्रों में छापेमारी की जिसमें आधा दर्जन वाहनों से अवैध खनन होने की जानकारी मिली जिसके बाद चार वाहनों की निकासी अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई जबकि उक्त रास्ते को बंद कर दिया गया है।
बताते चले कि बिन्दुखत्ता के खुरियाखत्ता स्थित वन देवी मंदिर के समीप श्रीलंका टापू के ग्रामीणों की आवाजाही के लिए बनाए गए संपर्क मार्ग से गौला नदी में खनन तस्करों ने योजनाबद्ध तरीके से पिछले कई दिनों से बेतहासा अवैध खनन किए जाने की सूचना ग्रामीणों द्वारा दी जा रही थ इसी के तहत सोमवार को भी प्रातः से कतारबद्ध होकर अवैध खनन से लदे ट्रैक्टर व डंपर उक्त चोर रास्ते से गौला नदी से आने लगे जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, जब तक वन विभाग के कर्मचारी भारी संख्या में मौके पर पहुंचते तब तक उक्त अवैध खनन करने वाले वाहन फरार हो गए, जिसकी वन विभाग ने अगल-बगल के ग्रामीणों से पूछ कर जानकारी जुटायी।
इधर वन क्षेत्राधिकारी गौला चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि उन्हें गौला नदी में उक्त चोर रास्ते से अवैध खनन की जानकारी कुछ समय से मिल रही थी, जैसे ही खनन तस्करों को पता चला कि वन कर्मियों की ड्यूटी लोकसभा चुनाव के लिए लगा दी गई है तो खनन तस्करों के हौसले बुलंद हो गए, उन्होंने अवैध खनन शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि वन कर्मियों ने अवैध खनन कर रहे ऐसे आधा दर्जन खनन व्यवसाययों को चिन्हित कर लिया है, फिलहाल चार वाहन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा गौला नदी से खनन निकासी रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जैसे ही अन्य वाहन चालकों का पता चलेगा उसके बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि श्रीलंका टापू को जा रहे उक्त रास्ते को वन विभाग में बंद कर दिया है, रास्ता बंद करने के बाद उक्त क्षेत्र में एकत्रित महिलाओं ने उक्त रास्ते को खोलने की जोरदार मांग की, जिसे वन विभाग ने सिरे से नकारते हुए उक्त रास्ते को हमेशा के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। वही फिलहाल जानकारी में आया है कि इन दिनों गौला नदी से भारी मात्रा में अवैध खनन का खेल चल रहा है, जो कि क्षेत्र के स्टोन क्रशरों में पहुंचाया जा रहा है, इसमें कुछ स्थानीय वन कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

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बाईट, चन्दन सिंह अधिकारी वन क्षेत्राधिकारी गौला।


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