भारतीय रेलवे त्योहरों और भारी भीड़ के दौरान स्टेशनों पर होने वाली अफरा-तफरी और हादसों से बचने के लिए करेगा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने देश भर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प के लिए नेक्स्ट जनरेशन सुरक्षा मॉडल अपनाने जा रहा है। इसके लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए विशेष एक्सपर्ट एजेंसियों की नियुक्ति की जा रही है। ये एजेंसियां एआई तकनीक और आधुनिक कंट्रोल रूम के जरिये भीड़ को नियंत्रित करेंगी।
आरएलडीए ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चार भौगोलिक पैकेजों में विभाजित किया है। सबसे अधिक बजट उत्तरी जाेन के लिए आवंटित किया गया है, जहां उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के स्टेशनों पर भारी दबाव रहता है। उत्तरी जोन पर 10.31 करोड़, पूर्वी क्षेत्र 8.12 करोड़, पश्चिमी क्षेत्र 8.91 करोड़ और दक्षिणी क्षेत्र के लिए 6.93 करोड़ खर्च होंगे। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) मॉडल है। रेलवे केवल सीमेंट और कंक्रीट के ढांचे नहीं बना रहा, बल्कि विशेषज्ञ एजेंसियां नियुक्त कर रहा है जो आधुनिक तकनीक का समन्वय करेंगी।
एआई कैमरे प्रति वर्ग मीटर यात्रियों की संख्या कंट्रोल रूम को भेजेंगे
76 स्टेशनों पर एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, जो प्रति वर्ग मीटर यात्रियों की संख्या गिनकर सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। यदि किसी प्लेटफॉर्म पर क्षमता से अधिक भीड़ होती है तो यात्रियों को स्टेशन के बाहर बने होल्डिंग एरिया में रोक लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पीएमसी एजेंसियां ऐसे सेंसर और वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम का प्रस्ताव देंगी जो भीड़ के दबाव का रियल-टाइम डेटा देंगे। जैसे ही भीड़ का ग्राफ खतरे के निशान को छुएगा, सुरक्षा बल के पास ऑटोमैटिक अलर्ट पहुंच जाएगा, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
इन प्रमुख स्टेशनों पर लागू होगी यह नई व्यवस्था…
दिल्ली में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन और पुरानी दिल्ली स्टेशनों पर लागू होगी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या धाम, कानपुर, वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी, मथुरा, आगरा कैंट, गोरखपुर, बनारस और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जैसे व्यस्त स्टेशनों को भी इस सुरक्षा कवच में शामिल किया गया है। बिहार के पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, छपरा और भागलपुर स्टेशनों के साथ-साथ झारखंड के रांची व टाटा स्टेशन पर भी आधुनिक तकनीक तैनात होगी। जम्मू कश्मीर के जम्मूतवी व श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, उत्तराखंड के हरिद्वार और महाराष्ट्र के मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनल, मुंबई सेंट्रल व बांद्रा टर्मिनल जैसे बड़े टर्मिनलों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए यह विशेष इंतजाम होंगे।
तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा स्मार्ट होल्डिंग एरिया..
यहां डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, जो ट्रेनों के प्लेटफॉर्म पर लगने और कोच पोजीशन की रियल-टाइम जानकारी देंगे। आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये जरिए प्लेटफॉर्म की हर घोषणा सीधे यहां सुनाई देगी और यात्रियों के बैठने, पेयजल, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और वेंडिंग मशीन जैसी तमाम सुविधाएं इसे एक आधुनिक प्रतीक्षालय के साथ-साथ वर्चुअल प्लेटफॉर्म का रूप देंगी।
नई दिल्ली स्टेशन पर बना 7000 यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया…
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बीते साल हुई भगदड़ की घटना के बाद स्टेशन पर बनाए गए आधुनिक होल्डिंग एरिया से भीड़ प्रबंधन में काफी मदद मिली है। 7000 यात्रियों की क्षमता वाले इस हाई-टेक जोन से भीड़ प्रबंधन में बदलाव आया है। इस मॉडल की सफलता के बाद दिल्ली के आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर भी इसी तर्ज पर होल्डिंग एरिया बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।







