दिल्ली के पश्चिम विहार थाने स्थित पीरागढ़ी गांव में पीरागढ़ी में 60 साल के सिक्योरिटी गार्ड विजेंद्र की हत्या का मामला दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस ने दो नाबालिगों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पहचान से बचने के लिए आरोपियों ने गाड़ी की नंबर प्लेट हटा दी थी। पुलिस की नजर से बचने के लिए फास्टैग भी हटा दिया गया था। गुमराह करने के लिए विजेंद्र की हत्या को कथित तौर पर सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।
बता दें कि पीरागढ़ी गांव में रविवार सुबह टेंपो स्टैंड में चौकीदारी करने वाले 60 साल के दिव्यांग व्यक्ति की एसयूवी से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की शिनाख्त 60 साल के पीरागढ़ी गांव निवासी बिजेंद्र के रूप में हुई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि रविवार तड़के करीब 4.03 बजे पश्चिम विहार पश्चिम में पीरागढ़ी के टेंपो स्टैंड पर सड़क हादसे में एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को विजेंद्र अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में पता चला कि मृतक पीरागढ़ी स्थित टेंपो स्टैंड पर चौकीदार के रूप में काम करते थे। मौके पर गाड़ी के फिसलने के निशान मिले, जिससे पुलिस से किसी वाहन के चपेट में आने से उनकी मौत की आशंका जताई। पुलिस ने आस पास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें उनकी हत्या करने का खुलासा हुआ।
फुटेज में देखा गया कि बिजेंद्र को एक एसयूवी कार से दो बार कुचला गया था। घटना से पहले एसयूवी में सवार एक व्यक्ति उतर कर उनके पास आया। दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। आरोपी ने पहले उनकी डंडे से पिटाई की और फिर एसयूवी चालक ने उन्हें कुचलने की कोशिश की। वहां से भागने के दौरान चालक ने उन पर एसयूवी चढ़ा दी। फिर दोबारा वापस आकर उनके ऊपर से एसयूवी गुजर गई। फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।







