किन्नौर कैलाश यात्रा दूसरे चरण में पूर्वनी के रास्ते से 17 अगस्त से शुरू होगी। इस रास्ते से यह यात्रा 23 अगस्त तक चलेगी। वहीं, तंगलिंग के रास्ते यह यात्रा शुक्रवार को संपन्न हो गई। शुक्रवार को तंगलिंग से यात्रा पर अंतिम जत्था रवाना हुआ। प्रशासन ने तंगलिंग के रास्ते यह यात्रा 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित की। 16 दिन चली यात्रा में इस यात्रा पर करीब चार हजार श्रद्धालु रवाना हुए। किन्नौर प्रशासन ने अब पूर्वनी के रास्ते किन्नौर यात्रा को संचालित करने का निर्णय लिया है। हर साल तंगलिंग और पूर्वनी के रास्ते इस यात्रा को एक साथ संचालित किया जाता था लेकिन इस बार प्रशासन ऐसा नहीं कर पाया।
साल 2025 में किन्नौर कैलाश की यात्रा को 1 जुलाई से 19 अगस्त तक संचालित किया गया था। पिछले साल 7,253 श्रद्धालुओं ने किन्नौर कैलाश शिवलिंग के दर्शन किए। इस बार यह यात्रा लोगों के विरोध, खराब रास्ते सहित अन्य कारणों से देरी से संचालित हुई।






