राष्ट्रपति का हिमाचल दौरा आज एम्स बिलासपुर की OPD बंद, पंजीकरण और चिकित्सीय परामर्श नहीं, सिर्फ इमरजेंसी सेवा

एम्स बिलासपुर में प्रथम दीक्षांत समारोह के चलते आज बाह्य रोगी विभाग यानी ओपीडी की सेवाएं बंद रहेंगी। इसके कारण अस्पताल में आने वाले सामान्य मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा और उन्हें चिकित्सीय परामर्श भी नहीं मिल पाएगा। एम्स प्रशासन ने मरीजों से अपील की है कि अगर उन्हें नियमित जांच, फॉलोअप या सामान्य चिकित्सीय परामर्श लेना है तो वे आज अस्पताल आने की योजना न बनाएं। मरीज अपनी नियमित जांच और उपचार के लिए किसी अन्य दिन एम्स पहुंच सकते हैं।

दीक्षांत समारोह के चलते लिया गया फैसला
एम्स बिलासपुर में प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी, उनके परिजन, अतिथि और संस्थान से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे।
इसी को देखते हुए मरीजों और आम लोगों की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी सेवाओं को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है।
एम्स के रजिस्ट्रार राकेश कुमार सिंह ने बताया कि समारोह के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रखने का फैसला किया गया है। मरीज नियमित जांच और उपचार के लिए किसी अन्य दिन अस्पताल आ सकते हैं।

इमरजेंसी में मिलता रहेगा इलाज
ओपीडी बंद रहने के बावजूद मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। अगर किसी व्यक्ति को अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्या होती है तो वह एम्स की इमरजेंसी में पहुंचकर चिकित्सीय सहायता ले सकता है। आपात स्थिति में मरीजों को सामान्य दिनों की तरह आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

भर्ती मरीजों की देखभाल जारी रहेगी
अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर भी ओपीडी बंद होने का कोई असर नहीं पड़ेगा। आईपीडी सेवाएं नियमित रूप से चलती रहेंगी। भर्ती मरीजों की जांच, उपचार, दवाइयां और देखभाल अस्पताल की सामान्य व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगी।

मरीज आज अस्पताल आने से बचें
जिन लोगों को केवल नियमित जांच या डॉक्टर से सामान्य परामर्श लेना है, उन्हें आज एम्स बिलासपुर आने से बचने की सलाह दी गई है। ऐसे मरीज किसी दूसरे दिन अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच और उपचार करवा सकते हैं। हालांकि गंभीर या आपात स्थिति में मरीज सीधे इमरजेंसी विभाग में जा सकते हैं, जहां चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी।
रेड कार्पेट पर चलकर मंच तक पहुंचेंगी राष्ट्रपति मुर्मू
एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छह अक्तूबर को प्रस्तावित आगमन से पहले सोमवार देर शाम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एम्स पहुंचे और कार्यक्रम स्थल पर की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने नड्डा को समारोह की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी दी।

और पढ़े  हिमाचल-18.84 लाख जनधन खाते, 1.90 लाख में एक भी रुपया नहीं, 5.10 लाख रुपे कार्ड भी नहीं हुए एक्टिव

निरीक्षण के दौरान राष्ट्रपति के प्रवेश स्थल से मंच तक पहुंचने वाले मार्ग की व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद रेड कार्पेट से होकर मंच तक जाएंगी। नड्डा ने मौके पर पूरे मार्ग का निरीक्षण किया और अधिकारियों से राष्ट्रपति के आवागमन के दौरान रास्ते को खाली और व्यवस्थित रखने की व्यवस्था की जानकारी ली।

राष्ट्रपति के प्रवेश मार्ग से मंच तक रेड कार्पेट बिछाया जाएगा। नड्डा ने रेड कार्पेट और आसपास की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति के मार्ग में किसी तरह की भीड़ या बाधा न होने देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति के साथ आगे रहने वाले लोगों और संकाय सदस्यों के लिए निर्धारित स्थानों की जानकारी भी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 लोग निर्धारित स्थान पर मौजूद रहेंगे। नड्डा ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी लोग अपनी निर्धारित जगह पर रहें और राष्ट्रपति के आवागमन का रास्ता पूरी तरह खाली रहे। एम्स प्रबंधन के अनुसार समारोह के लिए बैठने, प्रवेश, मंच और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छह अक्तूबर को एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए एम्स परिसर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।

सोमवार देर शाम नड्डा के निरीक्षण के बाद समारोह स्थल की व्यवस्थाओं को एक बार फिर परखा गया। मंगलवार को राष्ट्रपति के आगमन के साथ एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा, जिसमें उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

और पढ़े  हिमाचल: राष्ट्रपति दौरे को लेकर श्री नयना देवी में कड़ी सुरक्षा, 6 अक्तूबर को सुबह सात से एक बजे तक दर्शन बंद
  • Related Posts

    हिमाचल: शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कानून बेअसर? शिमला शहर में हुए 60 फीसदी चालान, नौ महीने में 2125 केस

    शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए सख्त कानून और पुलिस के लगातार अभियान के बावजूद शिमला में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। जिला…

    कांगड़ा: मायके में फंदे से झूलती मिली 23 वर्षीय महिला, पति-ननद समेत चार पर FIR, मां का दहेज प्रताड़ना का आरोप

    डमटाल क्षेत्र में मायके आई 23 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला का शव रविवार सुबह उसके कमरे में पंखे के सहारे फंदे…