केदारनाथ मंदिर के कपाट बुधवार सुबह आठ बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। ऊं नमः शिवाय और जय बाबा केदार के जयघोषों, सेना के सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों के साथ कपाट उद्घाटन हुआ।
पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हुई। करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई।
प्रशासन के मुताबित, यात्रा के पहले दिन ही तीर्थयात्रियों की इतनी भीड़ उमड़ी कि शाम तक 38 हजार तीर्थयात्री पहुंचे। वहीं, श्रद्धालुओं के अनुसार, दर्शन के लिए उन्हें 10 से 12 घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।
केदारनाथ मंदिर के कपाट सुबह 7:50 बजे खुलने के बाद भी तीर्थयात्रियों को मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचने में घंटों लग गए। यात्रा मार्ग पर करीब 700 मीटर लंबे कॉरिडोर में श्रद्धालुओं को लाइन में आगे बढ़ाया जा रहा था। यात्रा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात रहे लेकिन समन्वय की कमी साफ दिखाई दी। मंदिर के मुख्य द्वार पर कई श्रद्धालु रेलिंग लांघकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे जिन्हें रोकने की व्यवस्था नहीं थी। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भीम शिला देखने पहुंचे भक्त
बर्फ देख श्रद्धालु खुश
मोदी गुफा में उमड़ी भीड़









