पिछले तीन-चार दिन से पड़ रही भीषण गर्मी त्वचा को बीमार कर रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में स्किन एलर्जी, खुजली, लाल चकत्ते, घमौरियां और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप के बाद लोग सीधे एसी या अत्यधिक ठंडे वातावरण में चले जाते हैं, जिससे त्वचा पर एलर्जी की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
जहां-जहां त्वचा मुड़ती है जैसे कोहनी के अंदरूनी हिस्से, घुटनों के पीछे, गर्दन और जांघों के बीच विशेष सफाई और सूखापन बनाए रखें। देर तक पसीना जमा रहने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर चाहर ने सलाह दी है कि छोटे बच्चों को लगातार लंबे समय तक डायपर न पहनाएं। बीच-बीच में डायपर हटाकर त्वचा को खुली हवा लगने दें। त्वचा जितनी देर तक गीली रहेगी संक्रमण और रैशेज का खतरा उतना ही अधिक रहेगा।
जहां-जहां त्वचा मुड़ती है जैसे कोहनी के अंदरूनी हिस्से, घुटनों के पीछे, गर्दन और जांघों के बीच विशेष सफाई और सूखापन बनाए रखें। देर तक पसीना जमा रहने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर चाहर ने सलाह दी है कि छोटे बच्चों को लगातार लंबे समय तक डायपर न पहनाएं। बीच-बीच में डायपर हटाकर त्वचा को खुली हवा लगने दें। त्वचा जितनी देर तक गीली रहेगी संक्रमण और रैशेज का खतरा उतना ही अधिक रहेगा।








