चाइनीज मांझे से मौत: CM योगी ने लगाई रोक, हरकत में आए प्रशासन ने शुरू की छापेमारी, कल हुई थी दर्दनाक मौत

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राजधानी लखनऊ के बाजारखाला में चीनी मांझे में फंसकर एक युवक की मौत के बाद प्रदेश की योगी सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी मांझे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को पूरे राज्य में छापेमारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को हत्या माना जाएगा। पूरे राज्य में की गई कार्रवाई की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और लखनऊ शहर में पतंग की कई दुकानों पर छापेमारी की है। शहर के हैदरगंज और मोतीझील इलाके में पुलिस ने छापेमारी की है। मोतीझील इलाके में डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव, एडीसीपी धनंजय सिंह विक्रम और बाजारखाला थाना पुलिस ने छापेमारी की।

बुधवार को बाजारखाला में पतंग की डोर ने एक युवक का गला रेत गया। इस दौरान गले की नस कट जाने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, कुछ दिन पहले हवा में उड़ती पतंग के तार के हाईटेंशन लाइन पर गिर जाने से मेट्रो मेट्रो ट्रेनें जहां की तहां रुक गई थीं।

 

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मांझे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और इसके कारण होने वाली मौतों को हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। मांझे के इस्तेमाल पर रोक के लिए पूरे राज्य में कार्रवाई की जाएगी जिसकी उच्चस्तर पर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

ये था पूरा मामला: मांझे से कट गई थी गर्दन की नस

लखनऊ के बाजारखाला हैदरगंज ओवरब्रिज पर बुधवार दोपहर मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार दुबग्गा के सीते बिहार निवासी सैयद शोएब (34) की गर्दन कटने मौत हो गई। शोएब मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे और किसी काम से मिल एरिया की ओर से हैदरगंज जा रहे थे।

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इंस्पेक्टर बाजारखाला बृजेश सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज पर अचानक हवा में लटका मांझा शोएब की गर्दन में फंस गया। मांझा इतना तेज और मजबूत था कि उससे शोएब की गर्दन की नस कट गई। दर्द से तड़पते हुए उन्होंने मांझा हटाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई और वह सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत ई-रिक्शा से उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। कई बाइक सवार आगे-आगे रास्ता खाली कराते रहे ताकि समय पर इलाज मिल सके। बावजूद इसके अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।


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