श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं संत शिरोमणि महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के किसी व्यक्ति के चरित्र पर टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह सामाजिक मर्यादाओं के भी विपरीत है। उन्होंने कहा कि अफवाहों और भ्रामक प्रचार के आधार पर किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता।
श्रीरामकथा कुंज मंडप में आयोजित समारोह में संतों, धर्माचार्यों और हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने और समाज में अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई प्रमाण या तथ्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों अथवा एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों पर निराधार आरोप लगाकर माहौल खराब करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या मर्यादा, सत्य और आदर्शों की भूमि है। यहां की पहचान सनातन संस्कृति, संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना से है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी भाषा, व्यवहार और आचरण में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून अपना काम करेगा।
महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव पर नौ दिवसीय श्रीराम महायज्ञ और श्रीरामकथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। सुबह मणिराम दास छावनी से भव्य कलश एवं मानस शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान श्रीराम और माता जानकी की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामनाम के जयघोष, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरी अयोध्या भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दी।
प्राकृतिक चिकित्सालय स्थित यज्ञशाला में 21 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ सम्पन्न कराया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह के पति आलोक सिंह मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। वहीं हनुमान निवास के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नंदिनी शरण द्वारा श्रीराम कथा का शुभारंभ कराया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग कभी कुंभ, राम मंदिर और सनातन परंपराओं का विरोध करते थे, वही आज विकास और धार्मिक पुनर्जागरण की इस यात्रा को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं। लेकिन अयोध्या की जनता और संत समाज सत्य के साथ खड़ा है और किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगा।
समारोह में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति रही। जन्मोत्सव के अवसर पर संत समाज ने महंत नृत्य गोपाल दास के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना करते हुए उन्हें शुभाशीष प्रदान किया। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के गौरव का भव्य प्रतीक बनकर उभरा।








