पिछले 36 घंटे से क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के चलते नगर से सटे क्षेत्र में जलभराव होने से प्रशासन ने सौ से अधिक लोगों को अंबेडकर पार्क में शिफ्ट किया है। यहां उन्हें भोजन और जरूरतमंद लोगों को कपड़े व चिकित्सकीय जांच भी की गई। प्रशासन ने वीआईपी गेट, खड्डी मोहल्ला क्षेत्र के सौ से अधिक लोगों को सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल की बसों से लालकुआं वार्ड नंबर एक स्थित अंबेडकर पार्क भवन में शिफ्ट किया। तहसीलदार कुलदीप पांडे ने बताया कि बिंदुखत्ता और गौला नदी क्षेत्र का अभी निरीक्षण किया गया है। वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। इस दौरान कानूनगो मनोज कुमार, उपराजस्व निरीक्षक पूजा रानी, लक्ष्मी नारायण यादव, ईओ राहुल कुमार सिंह आदि थे।
उधर, रामनगर के आपदा ग्रसित चुकुम गांव में बारिश का कहर बनकर बरस रही है। जलस्तर बढ़ने से गांव मे एक घर नदी में बह गया। गनीमत रही कि मकान के जलमग्न होने से चार घंटे पहले घर खाली कर दिया गया था। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को प्राथमिक शिक्षा केंद्र में शिफ्ट कराते हुए उनके भोजन आदि व्यवस्था की जा रही है।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील चुकम गांव के विस्थापन की कार्यवाही जारी है। यहां अब भी करीब 30 परिवार रह रहे हैं। ये परिवार कोसी नदी में आने वाली बाढ़ के खतरे के बीच रह रहे हैं। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि बुधवार को हुई बारिश से गांव में मानवीर सिंह सिंह का घर पानी के साथ बह गया। पीड़ित परिवार में चार लोग रहते हैं जिनकी व्यवस्था प्राथमिक शिक्षा केंद्र के विद्यालय में की गई है।
नैनीताल-काठगोदाम हाईवे रहा बंद
मूसलाधार बारिश के चलते बोल्डर और पेड़ गिरने से जिले में एक हाईवे समेत 21 मार्ग बंद हो गए। देवीधूरा-बसानी मार्ग भी मलबा आने के कारण आवाजाही ठप है। प्रशासन की ओर से प्रभावित स्थानों पर जेसीबी लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। नैनीताल काठगोदाम हाईवे भी तीन स्थानों पर मलबा और पेड़ गिरने से बंद रहा। मलवा हटाकर इसे खोला गया। नैनीताल व आसपास के क्षेत्र में मंगलवार रात से दोपहर तक बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। रात में देवीधूरा-बसानी मार्ग पर कई स्थानों पर वोल्डर और पेड़ गिरने से सड़क बंद हो गई। नैनीताल काठगोदाम रोड पर बल्दियाखान, हनुमानगढ़ में मलबा और डोलमार में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। इधर, गेठिया के पास भी सड़क पर मलबा गिरने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नैनीताल आलूखेत मार्ग भी क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां पर टीमें मार्ग खोलने के लिए लगाई गई हैं लेकिन देर शाम तक कई रास्ते नहीं खुल पाए हैं। क्वारब-भवाली, सूखा घोड़ियाटापू रोड, पटोडी बेतालघाट, तल्ला रामगढ़-रातीघाट मार्ग, हरतपा-तितोली, भौर्सा पिनरो, हली हरतपा, बेल फतेहपुर, भल्यूटी भद्यूनी, बिनकोट चंद्रकोट, तल्लीपाली मल्लीपाली, अंबेडकर रिखोली, रातीघाट बुदलाकोट, गर्जिया बेतालघाट, कांडा डौन, चमरियाल लोहाली, ढोलीगांव कैड़ागांव, हरीशताल मोटरमार्ग, देवीपुरा सौड़ व सलियाकोट अर्नपा मार्ग बंद हैं। कई क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एसडीएम और पटवारी ने नगर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि उन्होंने सात नंबर क्षेत्र और पटवारी ने होलिडे होम और कृष्णापुर क्षेत्र का निरीक्षण किया है।







