उम्मीद जिंदगी की- 11 जवानों समेत 13 लोगों को किया रेस्क्यू, अब तक 6 की मौत, 20 लापता

राली गांव और हर्षिल स्थित सेना के कैंप में आए मलबे के दूसरे दिन बुधवार को तेजी से जिंदगियों की तलाश शुरू हो गई है। सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें हेलिकॉप्टर से खोज और बचाव कार्य में जुटी रहीं। इस दौरान दो शव मिले हैं, जिससे अब मृतकों की संख्या छह हो गई है। वहीं, हर्षिल में मलबे में फंसे 11 जवानों समेत 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार सेना के 10 जवान समेत 20 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं आशंका यह भी है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से मची तबाही के बाद बुधवार दोपहर मौसम खुलने पर बचाव अभियान ने जोर पकड़ा। जिला प्रशासन के अनुसार सेना के दो घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है। धराली के आठ स्थानीय युवक, नेपाली मूल के दो व्यक्ति और सेना के 10 जवान समेत 20 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, आशंका यह भी है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।

धराली में आई आपदा के दूसरे दिन भी रास्ते भूस्खलन की वजह से जगह-जगह बंद थे। जिससे बचाव और राहत कार्य में बाधा आई। भटवाड़ी स्थित हेलीपैड से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री, खाद्य सामग्री और बचाव उपकरण धराली क्षेत्र में पहुंचाई गए। सेना के हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य संबंधी भारी मशीनरी पहुंचाई जा रही है। आइटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस आदि बचाव दल भटवाड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी चट्टान गिरने के कारण आगे नहीं बढ़ सके, पूरा रास्ता ध्वस्त होकर क्षतिग्रस्त हो चुका है।

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बता दें कि मंगलवार को हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने से आए सैलाब व मलबे की वजह से धराली गांव में कई बहुमंजिला होटल और रेस्टोरेंट जमींदोज हो गए थे। वहीं कई लोग मलबे में फंस गए थे। हालांकि पहले दिन खीर गंगा में बार-बार आ रहे मलबे और गंगोत्री हाईवे के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रशासनिक अमला और अन्य राहत टीमें घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाईं थीं, लेकिन बुधवार को मौसम खुलने के बाद हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए।

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