11.00 बजे आवास के पहले गेट पर ताला लगा देख सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य गेट की ओर बढ़े। वहां भी पुलिसकर्मियों का पहरा था। हालांकि पुलिस ने उन्हें देखकर गेट खोल दिया और वह समर्थकों संग सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिया गया।
फिर वह कलक्ट्रेट से निकलकर चौकी चौराहा के पास सेठ दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे, जहां समर्थकों को अपराह्न 3.30 बजे फिर कलक्ट्रेट चलकर डीएम से मिलने की बात कहकर आवास चले गए।
अलंकार अपने समर्थकों संग फिर अपने आवास से पैदल ही 3.30 बजे पहुंच गए, लेकिन डीएम की मौजूदगी न होने पर उन्होंने वहीं चेंबर के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काफी देकर तक प्रदर्शन चलता रहा, फिर सिटी मजिस्ट्रेट अपने समर्थकों संग आवास चले गए, जहां उन्हें दोबारा पुलिसकर्मियों ने हाउस अरेस्ट कर लिया।
बढ़ाई गई सीसी कैमरों की संख्या
सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर मौजूद अलंकार अग्निहोत्री की प्रत्येक गतिविधि पर जिला प्रशासन की नजर है। प्रशासन ने देर शाम को सिटी मजिस्ट्रेट आवास परिसर में सीसी कैमरों की संख्या बढ़ा दी है। इससे अब आवास परिसर में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर प्रशासन नजर रख रहा है।
डीएम से न मुलाकात हुई न उत्तर मिला, राष्ट्रपति शासन की मांग
प्रदर्शन के दौरान अलंकार अग्निहोत्री बार-बार यही कह रहे थे कि उन्हें डीएम से जानना है कि सोमवार शाम 7.30 बजे कॉल कर उन पर व्यक्तिगत और जातिगत अपमानजनक शब्द से टिप्पणी करने वाला लखनऊ का अधिकारी कौन है?
अलंकार ने कहा कि डीएम उस अधिकारी का नाम सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा के सोमवार शाम 7.30 बजे से 7.44 बजे के बीच डीएम को कॉल करने वाले अधिकारी का नाम उजागर करने के लिए एसआईटी गठित हो।
कहा कि सोमवार को डीएम ने सुनियोजित तरीके से साजिश के तहत उन्हें अपने आवास बुलाया था। ताकि वह कुछ ऐसा लिखकर दे दें कि अन्य किसी आरोप पर उन्हें निलंबित कराया जा सके। उन्होंने ये भी मांग की कि राज्यपाल से रिपोर्ट लेकर प्रदेश के संविधानिक तंत्र को बहाल कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ब्राह्मण विरोधी विचारधारा पर काम कर रही है।