Crisis: होर्मुज पर ईरान की पकड़ तोड़ने के लिए अमेरिका का नया वार, तेहरान की एजेंसी पर लगाया प्रतिबंध

Spread the love

मेरिका ने ईरान पर एक बार फिर सख्त आर्थिक कार्रवाई करते हुए नए प्रतिबंध लगाए हैं। इस बार ट्रंप प्रशासन ने ईरान की उस नई एजेंसी को निशाना बनाया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।

 

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने क्या घोषणा की?

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी और उसके साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह एजेंसी हाल ही में बनाई गई थी और इसका काम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति देना और उन पर भारी शुल्क लगाना बताया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक का शुल्क वसूलने की तैयारी में था।

 

बेसेंट ने ईरानी सेना पर लगाए क्या आरोप?

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरानी सेना का वैश्विक समुद्री व्यापार पर दबाव बनाने का प्रयास यह दिखाता है कि अमेरिकी आर्थिक दबाव के कारण ईरान आर्थिक संकट में फंस चुका है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ईरान पर दबाव बनाए रखेगा।

 

क्यों है होर्मुज अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। ऐसे में ईरान की तरफ से इस मार्ग पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है। तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है और विशेषज्ञों का कहना है कि जलमार्ग पूरी तरह सामान्य होने में कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं।

और पढ़े  जिम के कोच को 20 वर्ष और महिला प्रिंसिपल को 3 साल जेल की सजा, दोनों बच्ची के उत्पीड़न के अपराधी

 

ईरान ने क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा है कि केवल उनके तय किए गए समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाज ही सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित रास्ते से हटने वाले जहाजों को हमलों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

युद्ध खत्म करने को लेकर ट्रंप का दावा

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत भी जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि समझौता करीब है, लेकिन अभी दोनों पक्ष किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी हम संतुष्ट नहीं हैं। अगर समझौता नहीं हुआ तो हमें कार्रवाई पूरी करनी होगी।

अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाया गया उसका समुद्री प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता। वहीं अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आत्मरक्षा में ईरानी मिसाइल ठिकानों और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने अमेरिका में भी राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है, खासकर मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।


Spread the love
  • Related Posts

    ऑपरेशन टाइगर- शिवसेना सिर्फ एक ही हो सकती है’, ऑपरेशन टाइगर विवाद के बीच जनता की अदालत में पहुंचे उद्धव

    Spread the love

    Spread the loveसांसदों के हालिया दलबदल से परेशान शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि शिवसेना केवल एक ही हो सकती है, क्योंकि पार्टी की राजनीतिक विरासत मराठी…


    Spread the love

    नीट यूजी पुनर्परीक्षा- कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई नीट यूजी पुनर्परीक्षा, लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा

    Spread the love

    Spread the love परीक्षा पैटर्न और अंकन योजना समझें NEET-UG परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो कुल 720 अंकों के होते हैं। इसमें भौतिकी और रसायन विज्ञान…


    Spread the love