Iran War- संघर्षविराम टूटने का खतरा बढ़ा, अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर किए हमले, कुवैत पर भी मिसाइल हमला

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श्चिम एशिया में जारी संघर्ष विराम टूटने का खतरा बढ़ गया है। दरअसल अमेरिका ने एक बार फिर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है। ये हमले उन ठिकानों पर किए गए, जहां से होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ईरानी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास बंदरगाह के नजदीक हमले किए। हालांकि इन हमलों में अभी किसी नुकसान की खबर नहीं है।

 

गुरुवार तड़के बंदर अब्बास बंदरगाह के पास सुने गए धमाके

ईरानी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे (2200 जीएमटी बुधवार) तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। यह शहर होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिए गए और अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए कि धमाकों की आवाज कहां से आई।

अमेरिका का दावा- आत्मरक्षा में किए हमले, ईरान ने झुठलाया

अमेरिका ने पिछले तीन दिनों में दो बार दक्षिणी ईरान पर हमले किए हैं और खासकर बंदर अब्बास बंदरगाह को निशाना बनाया गया है। अमेरिका का दावा है कि उसने यह हमले आत्मरक्षा में किए हैं। जबकि ईरान का कहना है कि अमेरिका ने हमला करके पहले से ही नाजुक सीजफायर को चुनौती दी है।

ट्रंप का ईरान को सख्त संदेश: समझौते में कोई जल्दबाजी नहीं, पसंद के मुताबिक न हुआ तो करेंगे कार्रवाई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह मिडटर्म चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका की पसंद के मुताबिक समझौता नहीं हुआ, तो वॉशिंगटन फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

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बुधवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को उम्मीद थी कि आने वाले मिडटर्म चुनावों का दबाव उनकी बातचीत की स्थिति को कमजोर कर देगा। ट्रंप ने कहा, ‘उन्हें लगा था कि वे मुझसे ज्यादा इंतजार करवा लेंगे, लेकिन मुझे मिडटर्म चुनावों की कोई परवाह नहीं है।’ ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी चर्चा में चल रही शर्तों से संतुष्ट नहीं है और अगर उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा, ‘उम्मीद है हम इससे संतुष्ट हो जाएंगे। नहीं तो हमें काम पूरा करना पड़ेगा।’ इसके अलावा कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को अपने उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के बदले में किसी तरह की प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी।

इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया में आई उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कथित ड्राफ्ट समझौते का जिक्र था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान के पास वाले इलाकों से अपनी सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक रोक खत्म करेगा। व्हाइट हाउस ने इसे ‘पूरी तरह मनगढ़ंत’ बताया।


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