राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिए करीब एक महीना हो गया है, लेकिन चंपत राय अब भी अयोध्या में ही हैं। पद पर नहीं होने के बावजूद मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता कम नहीं हुई है। ट्रस्ट के कई सदस्य अब भी उनसे मुलाकात कर राय-मशवरा कर रहे हैं।
हां ये जरूर है कि वह मंदिर नहीं गए हैं। विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा भी अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने भी चंपत राय से मुलाकात की। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए बजरंग लाल बांगड़ा का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में उनकी चंपत राय से मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
फिलहाल चंपत राय की अयोध्या में मौजूदगी और ट्रस्ट के लोगों से उनकी मुलाकातों ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि पद छोड़ने के बाद भी मंदिर प्रबंधन में उनकी भूमिका कितनी रह गई है।






