बड़ा फैसला: नए साल में दफ्तर आते समय कारपूलिंग… इस उपाय से ट्रैफिक-प्रदूषण पर नकेल

 

 

दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का बोझ और हवा में बढ़ता प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एक महीने के भीतर दिल्ली में राइड शेयरिंग सेवा फिर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए कारपूलिंग का नया फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

खासकर ऑफिस टाइम मे कारपूलिंग अनिवार्य रहेगा। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने ओला, उबर, रैपिडो समेत प्रमुख टैक्सी एग्रीगेटर्स के साथ मीटिंग कर ये फैसला लिया हैं।

 

पर्यावरण मंत्री ने सचिवालय प्रमुख टैक्सी, मोबिलिटी एग्रीगेटर्स और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसमें ट्रैफिक कम करने, साझा परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार चार मोर्चों वाहन प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, धूल और कचरा प्रबंधन पर एक साथ काम कर रही है। इसमें मोबिलिटी एग्रीगेटर्स की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि रोजाना लाखों लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। अगर लोग साझा सफर अपनाते हैं, तो सड़कों पर गाड़ियां अपने आप कम होंगी।

राइड शेयरिंग को लेकर विस्तार से हुई चर्चा
मंत्री ने एग्रीगेटर्स से कहा कि दिल्ली में राइड शेयरिंग सेवाएं जल्द से जल्द फिर शुरू की जाएं। एग्रीगेटर्स ने बताया कि कुछ तकनीकी और संचालन से जुड़ी तैयारियां बाकी हैं। इस पर मंत्री ने परिवहन विभाग को एक महीने के भीतर राइड शेयरिंग सुविधा पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जितनी जल्दी बड़े स्तर पर राइड शेयरिंग शुरू होगी, उतना ही ट्रैफिक और प्रदूषण घटेगा।

ऑफिस टाइम में कारपूलिंग पर जोर 
मंत्री ने कहा कि खासकर ऑफिस टाइम में कारपूलिंग से ट्रैफिक में बड़ी राहत मिल सकती है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कारपूलिंग एक नॉन कमर्शियल, यानी साझा सफर का विकल्प होगा। एग्रीगेटर्स को सुझाव दिया गया कि वे अपने ऐप में कारपूलिंग फीचर विकसित करें या अलग प्लेटफॉर्म पर इस दिशा में काम शुरू करें। परिवहन विभाग को कारपूलिंग से जुड़े नियमों की जांच कर जरूरी सुझाव जल्द देने को कहा गया है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए नियम होंगे हल्के
मंत्री ने कहा कि निजी रजिस्ट्रेशन वाले इलेक्ट्रिक वाहन बिना किसी कमर्शियल फीस, परमिट या अतिरिक्त लाइसेंस शर्तों के एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़े जा सकें। इसके लिए परिवहन विभाग को कानूनी, सुरक्षा और बीमा से जुड़े पहलुओं की जांच कर एक सुरक्षित ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निजी ईवी मालिक भी भरोसे के साथ इसमें शामिल हो सकें।

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बैठक में बस और शटल सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया, खासकर ऑफिस रूट और ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में। मंत्री ने कहा कि जब लोग निजी गाड़ियों की जगह साझा बस और शटल सेवाएं अपनाएंगे, तो लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और प्रदूषण में साफ कमी आएगी। इसके अलावा एग्रीगेटर्स को ग्रीन राइड विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। ऐप में ऐसे फीचर जोड़ने को कहा गया, जिससे लोग देख सकें कि साझा या इलेक्ट्रिक सफर से उन्होंने कितना प्रदूषण कम किया।
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