देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी हो चुकी है। बंगाल में भाजपा ऐतिहासिक जीत हासिल की है। केरल ने यूडीएफ गठबंधन ने एलडीएफ को पटखनी देते हुए जीत दर्ज की है। जानिए अपडेट…
बंगाल में भाजपा की जीत पर क्या बोले भारतीय-अमरीकी नेता?
बंगाल के नतीजे आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जाने-माने भारतीय-अमरीकी नेता डॉ. भरत बराई ने इसे पश्चिम बंगाल की जनता की बहुत बड़ी जीत बताया है। पिछली राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए डॉ. बराई ने आरोप लगाया कि वहां राज्य के सभी संसाधनों का गलत इस्तेमाल करके एक ‘माफिया राज’ कायम कर दिया गया था। अब इस जनादेश से उस शासन का पूरी तरह अंत हो गया है।
विजय के घर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
विजय के चेन्नई स्थित आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना और चुनावी नतीजों के बाद के हालातों को देखते हुए उनके घर के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।तमिलनाडु चुनाव: टीवीके प्रमुख विजय के घर पहुंचे आधव अर्जुन
टीवीके की आंधी में एक ही जीत पाई भाजपा, इन दिग्गजों को मिली शिकस्त
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के साथ 27 सीटों पर चुनाव लड़ी भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी केवल उधगमंडलम सीट (भोजराजन) ही जीत सकी है। इस बड़ी हार का मुख्य कारण अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके का उभार रहा, जिसने भाजपा के शहरी और युवा वोट बैंक में गहरी सेंध लगाई है। इसके अलावा जी.के. वासन की टीएमसी सहित अन्य सभी सहयोगी दल भी अपना खाता खोलने में विफल रहे।
इस करारी शिकस्त के बाद प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और आगामी चुनावों के लिए पार्टी में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी है। आइए, चुनाव हारने वाले प्रमुख भाजपा दिग्गज नेताओं के नाम जानते हैं।
- नैनार नागेंद्रन
- एल. मुरुगन
- तमिलिसाई सुंदरराजन
- वनथी श्रीनिवासन
केरल में कांग्रेस कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने बड़ी जीत दर्ज की है। 140 सीटों वाली विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल देखा गया, जहां पार्टी नेताओं के पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में केसी वेणुगोपाल की तस्वीरें भी प्रमुख रूप से दिखीं। इस जीत को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। लंबे समय बाद राज्य में सत्ता में वापसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा दिया है और आगे की रणनीति को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।





