भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब देश की बड़ी अदालतों तक पहुंच चुका है। सोमवार को यह केस न्यायिक मोर्चे पर अहम मोड़ लेने जा रहा है, क्योंकि अगले 24 घंटे में सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल जिला अदालत तीनों जगह इस मामले पर सुनवाई होनी है।
वहीं, इस मामले में लगातार उठ रहे सवालों और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद अब पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। त्विषा शर्मा मौत मामले ने प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इस केस में संस्थागत पक्षपात, जांच प्रक्रिया और पुलिस व अस्पताल प्रशासन की भूमिका को लेकर सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों की कार्रवाई और मेडिकल प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठ सकते हैं।
हाई कोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई है। शासन और त्विषा के पिता की ओर से दायर याचिका में जमानत रद्द करने की मांग की गई है। इस पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
जिला अदालत में कॉल डिटेल और सीसीटीवी पर बहस
भोपाल जिला अदालत में भी मामले से जुड़े अहम आवेदन पर सुनवाई होगी। इसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आवेदन भी कोर्ट में लगाया गया है।
12 मई को फंदे पर लटकी मिली थीं त्विषा
रविवार को दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने दूसरा पोस्टमार्टम पूरा किया। करीब तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और वीडियोग्राफी के साथ किया गया। पोस्टमार्टम के बाद त्विषा का अंतिम संस्कार शाम पांच बजे भदभदा विश्राम घाट पर किया गया। बता दें कि पूर्व मॉडल और अभिनेत्री रहीं 33 वर्षीय त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकी मिली थीं। मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष ने उन्हें नशे की लत से पीड़ित बताया था। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश के बाद एम्स दिल्ली ने चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम गठित कर दूसरा पोस्टमार्टम कराया। टीम शनिवार रात भोपाल पहुंची थी और रविवार सुबह एम्स भोपाल में जांच शुरू की गई। त्विषा के भाई और भाभी ने शव की पहचान की, जिसके बाद मेडिकल बोर्ड ने प्रक्रिया शुरू की।






