सावन माह का दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026 को रखा जा रहा है। इस तिथि पर आर्द्रा नक्षत्र और वज्र योग का शुभ संयोग रहेगा। मान्यता है कि, सावन सोमवार पर महादेव की पूजा और रुद्राभिषेक करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं। साथ ही साधक पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं। चूंकि सावन में सृष्टि का कार्यभार भी महाकाल के हाथों में होता है, इसलिए इस समय किए गए पुण्य कार्यों से व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है और उसे मनचाहे परिणाम प्राप्त होते हैं। इस दिन जलाभिषेक करने की विशेष मान्यता है। आइए इसकी संपूर्ण विधि जानते हैं।
पूजा का मुहूर्त
- सावन सोमवार पूजा मुहूर्त – सुबह 5:47 से 7:27 बजे तक और सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक।
- सोम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त – रात 7:05 बजे से रात 9:14 बजे तक।
- अमृत चौघड़िया – सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर 7 बजकर 27 मिनट तक।
- शुभ चौघड़िया – सुबह 9 बजकर 7 मिनट से लेकर 10 बजकर 46 मिनट तक।
- अमृत चौघड़िया – शाम 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 7 बजकर 5 मिनट तक।
जलाभिषेक की विधि
- सावन के दूसरे सोमवार पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग के सामने हाथ जोड़कर महादेव का स्मरण करें।
- अब सबसे पहले एक साफ लोटे में जल लें और उसमें गंगाजल की कुछ बूंदें डालें।
- इस जल में अब दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और गन्ने का रस मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
- इस समय इस मिश्रण को पतली धारा के रूप में शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- फिर गंगाजल और साफ जल एक बार अर्पित करें।
- कुछ काले तिल, फूल, अनाज और चावल शिवलिंग पर रखें।
- इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- महादेव को बेलपत्र, फूल व शहद चढ़ाएं।
- आटे का दीपक जलाकर महादेव की आरती करें।






