शुभेंदु अधिकारी बोले- नंदीग्राम के हिंदुओं के लिए करूंगा काम, TMC 24 घंटे के भीतर खत्म हो जाएगी

Spread the love

 

भाजपा के नेता और भवानीपुर व नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करने वाले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी पार्टी वह काम करेगी, जिसकी घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा पत्र में की थी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भ्रष्ट और परिवारवादी पार्टी करार दिया।

 

शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, इस बार मैंने करीब 10 हजार मतों से चुनाव जीता है। नंदीग्राम के हिंदू लोगों ने मुझे फिर से जिताया। वहां मुसलमानों का पूरा वोट टीएमसी को गया। मैं नंदीग्राम के हिंदुओं के लिए काम करूंगा। टीएमसी खत्म हो जाएगी। 24 घंटे के अंदर यह बर्बाद हो जाएगी, खत्म हो जाएगी। यह भ्रष्ट और परिवारवादी पार्टी है, जिसकी कोई विचारधारा नहीं है। उन्होंने आगे कहा, हम वह काम करेंगे जिसकी घोषणा गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा पत्र में की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार गारंटी दी है। हम उसे पूरा करेंगे।

 

ममता बनर्जी को शुभेंदु ने कितने वोटों से हराया?
नंदीग्राम में अधिकारी ने टीएमसी के पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक अहम मोड़ तब देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार गईं। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट मिले। वहीं, माकपा के श्रीजीव बिस्वास काफी पीछे रहे।

किस पार्टी ने कितनी सीटें हासिल कीं?
निर्वाचन आयोग (ईसी) के आंकड़ों के अनुसार, 294 सीटों में से भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। टीएमसी ने 81 सीटें जीती हैं और एक सीट पर गिनती जारी है। कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं, जबकि हुमायूं कबीर की एजेयूपी को भी 2 सीटें मिली हैं। माकपा केवल 1 सीट जीत पाई।

और पढ़े  झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उतरी CJP, प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहा रांची

Spread the love
  • Related Posts

    अब मिलेगा गरिमा के साथ मौत का भी अधिकार, 2 मेडिकल बोर्ड तय करेंगे तो हटेगा लाइफ सपोर्ट

    Spread the love

    Spread the loveहरियाणा में अब जीवन के अंतिम चरण में इलाज से जुड़े फैसलों के लिए नई कानूनी व्यवस्था लागू होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद…


    Spread the love

    भारत छोड़ो आंदोलन के 84 साल: आखिर क्यों गूंजा था ‘करो या मरो’

    Spread the love

    Spread the love8 अगस्त 1942, मुंबई का ग्वालिया टैंक मैदान (आज का अगस्त क्रांति मैदान) लोगों से खचाखच भरा हुआ था। मंच पर महात्मा गांधी मौजूद थे। देश के सामने…


    Spread the love