लगा लॉक डाउन…वेंस का काफिला गुजरते ही चली गोलियां, व्हाइट हाउस के पास एक हथियारबंद व्यक्ति ने की गोलीबारी

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मेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस समय भारी हड़कंप मच गया जब व्हाइट हाउस के पास अचानक गोलीबारी की घटना हो गई। एक हथियारबंद व्यक्ति और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों के बीच हुई इस भयंकर गोलीबारी के बाद व्हाइट हाउस को सुरक्षा कारणों से कुछ देर के लिए पूरी तरह से लॉक डाउन कर दिया गया। यह घटना वाशिंगटन स्मारक के पास ठीक उस समय हुई जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफिला वहां से गुजर रहा था।

सोमवार को अमेरिकी समयानुसार, दोपहर करीब साढ़े तीन बजे 15वीं स्ट्रीट एसडब्ल्यू और इंडिपेंडेंस एवेन्यू एसडब्ल्यू के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को हथियार के साथ देखा गया। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के डिप्टी डायरेक्टर मैथ्यू सी. क्विन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि व्हाइट हाउस परिसर के बाहरी इलाके में लगातार गश्त कर रहे सादे कपड़ों वाले एजेंटों ने एक ऐसे संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की, जिसके पास बंदूक थी। जब वर्दीधारी अधिकारी उस संदिग्ध व्यक्ति के पास पहुंचे, तो उसने मौके से पैदल भागने की कोशिश की और सीक्रेट सर्विस के एजेंटों पर सीधे गोलियां चला दीं।

क्या सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध को लगी गोली?
संदिग्ध व्यक्ति के अचानक हमला करने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और उस पर गोलियां चलाईं। इस पुलिसिया फायरिंग में संदिग्ध व्यक्ति घायल हो गया, जिसे फौरन हिरासत में लेकर इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। सीक्रेट सर्विस के अधिकारी क्विन ने बताया कि इस दौरान संदिग्ध व्यक्ति द्वारा चलाई गई एक गोली पास में मौजूद एक नाबालिग को भी लग गई। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि नाबालिग की जान को कोई खतरा नहीं है और उसकी चोटें जानलेवा नहीं हैं।

क्या यह हमला मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति पर किया गया था?
घटना के तुरंत बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि इस हथियारबंद व्यक्ति का असली निशाना आखिर कौन था। क्या वह उपराष्ट्रपति या मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति पर हमला करना चाहता था? इस पर डिप्टी डायरेक्टर क्विन ने स्पष्ट किया कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि बंदूकधारी का निशाना कौन था। उन्होंने कहा कि हमारी टीम 24 घंटे इस इलाके में पूरी मुस्तैदी से गश्त करती है। यह हमला मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर निर्देशित था या नहीं, फिलहाल इसकी जांच की जा रही है और जल्द ही सच सामने आ जाएगा।

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गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद लोगों का क्या हाल था?
गोलीबारी शुरू होते ही दोपहर करीब 3:45 बजे सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन से मीडियाकर्मियों को तुरंत सुरक्षित ब्रीफिंग रूम में पहुंचा दिया। वरमोंट से व्हाइट हाउस घूमने आए 21 वर्षीय रयान नेफ और उनकी मां अमांडा नेफ ने बताया कि वे तस्वीरें ले रहे थे, तभी उन्होंने उपराष्ट्रपति वेंस का काफिला गुजरते देखा। रयान के मुताबिक, इसके तुरंत बाद पांच-छह गोलियों की तेज आवाजें आईं। इलाके की हर पुलिस और हर गाड़ी उसी दिशा में तेजी से भागने लगी। लोग पूरी तरह से भ्रम और खौफ में थे। घटना के बाद डीसी पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और कई घंटों तक सड़कों को बंद रखा।


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