एक तरफ सरकार और अखाड़े कुंभ को दिव्य और भव्य रूप बनाने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ कुछ महामंडलेश्वरों की ओर से अपने ही अखाड़े के विरोध में काम किया जा रहा है। इससे इन दोनों महामंडलेश्वरों को निष्कासित कर दिया गया है। शुक्रवार को अखाड़ों और सीएम की बैठक के बाद आश्रमधारी और स्थानधारी संत नाराज हैं। इससे वह अखाड़ों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इनमें श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के दो महामंडलेश्वर भी शामिल हैं। इसे जूना अखाड़े की ओर से गंभीरता से लिया गया है। कुंभ की तैयारियों पर सवाल उठाने और अखाड़े की परंपरागत मर्यादा के विरुद्ध कथित रूप से बयानबाजी करने पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने सख्त कदम उठाते हुए दो वरिष्ठ संतों को निष्कासित कर दिया है।
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने अखाड़े के अनुशासन, मर्यादा और परंपराओं के उल्लंघन के आरोप में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज और महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज को तत्काल प्रभाव से अखाड़े से बाहर कर दिया है।







