उत्तराखंड : धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आज,देवस्थानम प्रबंधन एक्ट, नजूल भूमि समेत कई प्रस्तावो पर लग सकती है मुहर ।

Spread the love

राज्य कैबिनेट की बैठक सोमवार को है। इसमें चारधाम देवस्थानम प्रबंधन एक्ट, नजूल भूमि समेत कई प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है।
देवस्थानम बोर्ड को लेकर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट पर मंत्रिमंडल उप कमेटी की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्ट वापस लेने की घोषणा की थी। नौ अक्तूबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में देवस्थानम प्रबंधन एक्ट का विधेयक समाप्त करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव आ सकता है।
इसके अलावा नजूल नीति के मामले में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद मंत्री बंशीधर भगत ने इसे इसी कैबिनेट में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके लिए तैयारी की जा रही है। कैबिनेट की बैठक में लाने के बाद विधानसभा सत्र में अध्यादेश लाया जाएगा। वहीं, कई अन्य विभागों के प्रस्ताव भी कैबिनेट बैठक में आ सकते हैं। बैठक शाम को करीब पांच बजे सचिवालय स्थित कक्ष में होगी।
कैबिनेट के फैसले के बाद भी गेस्ट टीचरों की सेवाएं हो रही समाप्त
प्रदेश में गेस्ट टीचरों के पदों को खाली न माने जाने के कैबिनेट के फैसले के बाद भी कुछ गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इससे गेस्ट टीचरों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार ने यदि उनके सुरक्षित भविष्य के लिए कोई ठोस कदम न उठाया तो संगठन इसके विरोध में आंदोलन को बाध्य होगा। 

अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री दौलत जगुड़ी के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहली कैबिनेट में गेस्ट टीचरों के हित में तीन बड़े फैसले लिए गए थे। कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया गया कि गेस्ट टीचरों का मानदेय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाएगा। उनके पदों को खाली नहीं माना जाएगा। इसके अलावा उनकी गृह जिलों में तैनाती की जाएगी, लेकिन अब तक तीन में से मात्र एक फैसले पर अमल हुआ है।

और पढ़े   देहरादून- रामनगर और देहरादून के बीच सीधी रेल सेवा, सांसद अनिल बलूनी ने कहा-जल्द होगी औपचारिक घोषणा

गेस्ट टीचरों का मानदेय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया। जबकि अन्य दो प्रस्तावों पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचरों के पद खाली न माने जाने के कैबिनेट के फैसले के बावजूद उत्तरकाशी और पौड़ी में कुछ गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। नियमित नियुक्ति के शिक्षक आने से उनकी सेवाएं समाप्त की गई। 

अतिथि शिक्षक संगठन के पूर्व अध्यक्ष राजेश धामी ने कहा कि वर्तमान में एलटी पदों पर वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति हो रही हैं। जिससे गेस्ट टीचर प्रभावित हो रहे हैं। पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक में अतिथि शिक्षक की जगह नियमित शिक्षक की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा उत्तरकाशी के नौगांव और चमोली जिले में भी गेस्ट टीचरों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून- मुख्य सचिव ने की समीक्षा, जागेश्वर धाम परियोजना में रोपवे को शामिल करने के निर्देश

    Spread the love

    Spread the love   मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट्स की…


    Spread the love

    नई टिहरी- होमस्टे व्यवसाय को नए नियमों के दायरे में लाया गया, पहले नक्शा, फिर पंजीकरण

    Spread the love

    Spread the love   टिहरी जिले में तेजी से बढ़ रहे होमस्टे व्यवसाय को अब नए नियमों के दायरे में लाया गया है। पर्यटन विभाग ने होमस्टे पंजीकरण के लिए…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *