बंगाल में आज नए युग की शुरुआत हो रही है और राज्य में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और आज वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शुभेंदु अधिकारी दो बार ममता बनर्जी को हरा चुके हैं और संगठन पर उनकी पकड़ और बतौर आक्रामक राजनेता की छवि को देखते हुए सीएम पद के लिए स्वभाविक तौर पर शुभेंदु पहली पसंद थे।’
शुभेंदु अधिकारी ने बताया- क्यों नहीं की शादी
शुभेंदु अधिकारी ने शादी नहीं की है। साल 2021 में एक इंटरव्यू के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने बताया, ‘मैं अविवाहित हूं और शादीशुदा न होने का सबसे अच्छा पहलू ये है कि मेरे पास काम के लिए बहुत समय है और कोई व्यक्तिगत दायित्व नहीं है’। शुभेंदु अधिकारी ने कहा वे 1987 से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं और सार्वजनिक जीवन के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहे। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों सतीश सामंता, सुशील धारा और अजय मुखर्जी को अपना आदर्श बताया। शुभेंदु ने कहा कि ये तीनों लोग अविवाहित रहे और उनकी आत्मकथाएं पढ़ने के बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे भी शादी नहीं करेंगे।
साल 2020 में हल्दिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भी शुभेंदु ने शादी नहीं करने की वजह का खुलासा किया था। आजतक बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘कई लोग पूछते हैं शुभेंदु, तुम अविवाहित क्यों हो? तुम्हारे भाई तो विवाहित हैं। मैं कहता हूं मैं आज के दौर के राजनेताओं की नजर में अविवाहित नहीं हूं। शुभेंदु का परिवार कोई छोटा-मोटा परिवार नहीं है। शुभेंदु का परिवार बंगाली परिवार है। समाज के लिए सबकुछ न्योछावर करना पड़ता है। यही बात मेरे आदर्श सतीश सामंता और सुशील धारा कहा करते थे। मैंने उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए अविवाहित रहने का फैसला किया है।’







