उत्तराखंड- प्रयास करो, जोखिम उठाओ..स्टार्टअप को IIM काशीपुर देगा 10 लाख, बेहतरीन मौके, करें आवदेन

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प्रयास करो, जोखिम उठाओ…स्टार्टअप अच्छा हुआ तो आईआईएम काशीपुर आपको 10 लाख रुपये तक की मदद देगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 20 अक्तूबर तक चलेगी। उद्यमी बनने की चाहत रखने वाले यूजी-पीजी के छात्र इसमें भागीदारी कर सकते हैं।

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी) ने आईटी मंत्रालय के जेनेसिस ईआईआर सपोर्ट कार्यक्रम के तहत ये आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित स्टार्टअप को 10 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

 

उत्तराखंड एआई इंपेक्ट समिट में पहुंचे आईआईएम काशीपुर के डॉ. सफल बत्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन और मैन्युफेक्चरिंग, डीपटेक सॉफ्टवेयर और प्रोडक्ट और आईसीटी स्पेस से जुड़े नवाचारों पर विशेष फोकस किया गया है। गत वर्ष 75 स्टार्टअप को ग्रांट मिली थी। 3000 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। fied.iim के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह पहल देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।

कौन कर सकता है आवेदन

– ऐसे फुल-टाइम यूजी-पीजी छात्र या डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के संस्थापक जिनका स्टार्टअप दो वर्ष से अधिक पुराना न हो।

– आवेदक को आइडिएशन, प्रोटोटाइपिंग या प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के चरण पर कार्यरत होना चाहिए।

– जिन्होंने 10 लाख रुपये से अधिक की बाहरी फंडिंग (सरकारी ग्रांट सहित) प्राप्त न की हो।

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– जिनका आइडिया या इनोवेशन मौलिक हो और किसी मौजूदा उत्पाद या सेवा की नकल न हो।

ऐसा उत्पाद बनाओ जो लाखों लोगों को टच करे, निवेशक आपको तलाश लेगा

शुक्रवार को राजधानी में हुए एआई इंपेक्ट समिट में आए आईआईटी रुड़की टाइड्स के डॉ. आजम अली ने बताया कि एआई कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है। जैसे सबसे अहम है डेटा। हम आईआईटी रुड़की में 270 से अधिक स्टार्टअप को सपोर्ट कर रहे हैं। अगर आप कोई ऐसा प्रोडक्ट बनाओगे जो लाखों लोगों को टच करे तो आपको इंवेस्टर की तलाश नहीं इंवेस्टर आपको तलाश करेगा। हम एआई फॉर सतत विकास, एआई इन हेल्थ केअर, एआई इन गवर्नेंस जैसे कुंभ 2027 में क्राउड मैनेजमेंट, हेल्थ केअर आदि में सपोर्ट करेंगे। हम यहां के लिए स्टार्टअप को भी सपोर्ट करेंगे। डॉ. आजम ने बताया कि विदेशी वर्जन के लोकल को ट्राई न करें। खुद से सोचें। कैसे आप सरकार, यातायात, किसानों के लिए एआई से मददगार बन सकते हैं।


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