उत्तराखंड- कैबिनेट का फैसला…पंचायती राज विभाग को गांवों में स्वच्छ भारत अभियान के तीसरे चरण की कमान

Spread the love

 

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के तीसरे चरण की कमान पंचायती राज विभाग के हाथों में होगी। पहले और दूसरे चरण का दायित्व अभी पेयजल विभाग संभाल रहा है। बुधवार को प्रदेश मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षकों के 135 पदों पर भर्ती के लिए सेवा नियमावली को भी मंजूरी दे दी।

राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में चार प्रस्तावों पर मुहर लगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में आए प्रस्ताव के तहत बताया गया कि वर्ष 2026 से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तीसरे चरण की शुरुआत होनी है।

 

अभी ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रमों का क्रियान्वयन पेयजल विभाग कर रहा है। शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग के पास है। फैसला हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्वच्छ भारत अभियान के तीसरे चरण के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग कराएगा।

 

कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षकों के 135 पदों पर भर्ती के लिए विशेष शिक्षक सेवा नियमावली 2025 को भी मंजूरी दे दी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर विशेष शिक्षकों के पद सृजित किए गए थे। लेकिन ऐसे शिक्षकों की सेवा नियमावली नहीं थी।

बैठक में शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण को लेकर गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की तीसरी रिपोर्ट के अध्ययन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति के सुझाव एवं सिफारिशों को मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मंत्रिमंडलीय उपसमिति के सुझावों और सिफारिशों को सीएम धामी पहले ही विचलन से मंजूरी दे चुके थे। कैबिनेट ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी।

और पढ़े  देहरादून- आईपीएल में सट्टा लगवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, दुबई से संचालित एप से भी जुड़े तार

Spread the love
  • Related Posts

    2026 चारधाम यात्रा- तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी, 21 दिनों में 89,380 ने कराया पंजीकरण

    Spread the love

    Spread the loveचारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है। 21 दिनों में 89,380 तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया। इसमें करीब 1073 तीर्थयात्रियों का धर्मशालाओं…


    Spread the love

    उत्तराखंड: जेल प्रबंधन और क्षमता में सुधार से कम हुई कैदियों की भीड़, 5 साल पहले था हाल-बेहाल

    Spread the love

    Spread the love     पांच साल पहले उत्तराखंड की जेलें देश में सबसे अधिक भीड़ वाली थीं अब उनमें बेहद सुधार हुआ है। वर्ष 2021 में क्षमता के सापेक्ष…


    Spread the love